GST For Online Sellers: आजकल अमेजन, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसे प्लेटफॉर्म्स ने घर बैठे ऑनलाइन बिजनेस करना बहुत आसान बना दिया है. चाहे वह हाथ से बनी ज्वेलरी हो या कपड़े, हर कोई ऑनलाइन सेलर बनना चाहता है. लेकिन जैसे ही बिजनेस शुरू करने की बात आती है, सबसे बड़ा सवाल सामने खड़ा होता है कि क्या सेलर को GST नंबर लेना पड़ेगा? अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं.
क्या कम कमाई होने पर भी GST चाहिए?
आम तौर पर, अगर आप अपनी दुकान से ऑफलाइन सामान बेचते हैं, तो 40 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर GST की जरूरत नहीं होती है. लेकिन ऑनलाइन मार्केट का खेल थोड़ा अलग है. अगर आप ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सामान (Goods) बेच रहे हैं, तो आपकी कमाई चाहे 2 लाख हो या 5 लाख, आपको GST रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. बिना GST नंबर के ये प्लेटफॉर्म्स आपको सेलर के तौर पर रजिस्टर नहीं करने देते है.
क्या छोटे और हॉबी सेलर्स को छूट मिलती है?
अगर आप घर से अचार, पेंटिंग्स या सिलाई का काम करते हैं और इसे ऑनलाइन बेचना चाहते हैं, तो भी नियम वही हैं. सरकार ऑनलाइन होने वाले हर लेनदेन पर नजर रखना चाहती है, इसलिए यहां टर्नओवर की लिमिट काम नहीं करती है. हालांकि, अगर आप सामान नहीं बल्कि सर्विस (जैसे ऑनलाइन कोचिंग या कंसल्टिंग) दे रहे हैं, तो 20 लाख रुपये तक की छूट का फायदा मिल सकता है.
ये TCS का चक्कर क्या है?
जब आप अमेजन या फ्लिपकार्ट पर सामान बेचते हैं, तो वे आपकी सेल की कुल रकम में से 1% टैक्स (TCS) काटकर सरकार के पास जमा कर देते हैं. घबराइए नहीं, यह आपका नुकसान नहीं है. जब आप अपना GST रिटर्न भरते हैं, तो आप इस पैसे को वापस क्लेम कर सकते हैं. यह एक तरह से सरकार को यह बताने का तरीका है कि आपने ऑनलाइन सेल की है.
नियम न मानने पर क्या होगा?
बिना GST के ऑनलाइन बिजनेस करना न केवल मुश्किल है, बल्कि पकड़े जाने पर भारी जुर्माना भी लग सकता है. एक बार GST नंबर मिलने के बाद आपको समय पर रिटर्न भरना होता है और अपने बिल्स का हिसाब रखना पड़ता है. ऑनलाइन बिजनेस की दुनिया में कदम रखने से पहले ये छोटा सा पेपरवर्क आपके भविष्य के बिजनेस को कानूनी पचड़ों से बचा सकता है.
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