E-Commerce: ई-कॉमर्स कंपनियों का शिकायत निवारण तंत्र ठीक नहीं, ओला-उबर के खिलाफ जांच जारी

चार साल पहले, कुल शिकायतों में ई-कॉमर्स लेनदेन से संबंधित शिकायतों की संख्या आठ प्रतिशत थी. पिछले महीने यह कुल शिकायतों का 48 प्रतिशत था. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता और विक्रेता के बीच ताकत का संतुलन गड़बड़ा गया है जिसमें उपभोक्ता कमजोर, और कमजोर हो रहा है, यहीं मंत्रालय की भूमिका का महत्व बढ़ गया है.

Complaint Redressal System Of E-Commerce Companies Not Good : देश में कई बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों का शिकायत निपटान तंत्र दुरुस्त नहीं है, यही वजह है कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों की संख्या बीते चार वर्षों के दौरान बहुत तेजी से बढ़ी है. उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने यह बात कही.

पब्लिक अफेयर्स ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर पंजीकृत शिकायतों की संख्या नवंबर में 90,000 पर पहुंच गई जो पिछले वर्ष समान महीने में 40,000 थी.

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उन्होंने कहा, चार साल पहले, कुल शिकायतों में ई-कॉमर्स लेनदेन से संबंधित शिकायतों की संख्या आठ प्रतिशत थी. पिछले महीने यह कुल शिकायतों का 48 प्रतिशत था. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता और विक्रेता के बीच ताकत का संतुलन गड़बड़ा गया है जिसमें उपभोक्ता कमजोर, और कमजोर हो रहा है, यहीं पर मंत्रालय की भूमिका का महत्व बढ़ गया है.

उपभोक्ता मामलों के सचिव ने कहा कि सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स के मूल्य निर्धारण से संबंधित शिकायतों की जांच कर रही है. हालांकि, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता अदालतों में लंबित 5.27 लाख मामलों को निपटाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है. (इनपुट : भाषा)

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