Gold-Silver Rate: सोने की चाल धीमी, चांदी की रफ्तार ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

Gold-Silver Rate in India: भारत में 11 दिसंबर 2025 को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दिखी है, जबकि चांदी ने नए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना दिया हैं. 24 कैरेट गोल्ड जहां थोड़ा सस्ता हुआ, वहीं सिर्फ तीन दिनों में चांदी 11,000 रुपये उछलकर 2 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है. फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती और कमजोर डॉलर ने गोल्ड-सिल्वर मार्केट की दिशा बदल दी है. निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि सोने की कीमत फिलहाल धीरे चल रही है, लेकिन चांदी की रैली जोर पकड़ चुकी है. मार्केट के इस बदलते ट्रेंड पर सभी की नजरें टिकी हैं.

Gold-Silver Rate in India: भारत में गुरुवार 11 दिसंबर 2025 को सोने के दाम हल्का गिरावट के साथ खुले है, जबकि चांदी ने लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड तोड़ बढ़त दर्ज की है. 24 कैरेट सोना आज 13,020 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले दिन से 11 रुपये कम है. इसी तरह 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये गिरा है. यह गिरावट तब आई है जब एक दिन पहले ही गोल्ड में तेज बढ़त देखने को मिली थी. दूसरी तरफ चांदी ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए और 1 किलो का दाम 2 लाख रुपये के पार निकल गया है. यह तेजी सिर्फ दो-तीन दिनों में ही हजारों रुपये की उछाल दिखा चुकी है, जिससे निवेशकों में नई उत्सुकता बढ़ गई है.

सोना क्यों सस्ता हुआ और अब मार्केट का मूड क्या कहता है?

सोने में गिरावट का बड़ा कारण अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती है. ब्याज दरें कम होने पर निवेशक अक्सर शेयर और अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग थोड़ी धीमी पड़ जाती है. हालांकि MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स अभी भी मजबूत बने हुए हैं और करीब 1,30,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहे हैं. यह दिखाता है कि लंबे समय में सोने की दिशा अभी भी ऊपर की ओर रह सकती है.

चांदी में इतनी तेज बढ़त क्यों और क्या मांग बढ़ रही है?

पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में अचानक आया उछाल बाजार को हैरान कर रहा है. सिर्फ तीन दिनों में चांदी के दाम 11,000 रुपये बढ़ गये है. इसका कारण एक तरफ सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग है और दूसरी तरफ चांदी का इंडस्ट्रियल यूज, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों और टेक्नोलॉजी सेक्टर में है. यही वजह है कि घरेलू बाजार में 1 किलो चांदी 2,01,000 रुपये पर पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना चुकी है.

फेड रेट कट का गोल्ड-सिल्वर पर क्या असर पड़ा?

कमजोर डॉलर और ब्याज दरों में कमी से सोना-चांदी दोनों को सपोर्ट मिलता है क्योंकि निवेशकों के लिए नॉन-यील्डिंग एसेट्स यानी सोना-चांदी रखना ज्यादा फायदेमंद लगने लगता है. ग्लोबल मार्केट में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस की रेंज में और चांदी 62–65 डॉलर प्रति औंस तक टिक सकती है, हालांकि असली दिशा बाजार की स्थिति ही तय करने वाली है.

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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