शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने से पहले सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत आगे और नीचे जा सकती है. मौजूदा करीब 3,857 डॉलर प्रति औंस के स्तर से सोना 3,500 डॉलर तक फिसल सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह अपने रिकॉर्ड भाव से करीब 37% नीचे होगा.
हालांकि, 3,500 डॉलर का स्तर पक्का नहीं है. WGC के मुताबिक, वहां तक पहुंचने के लिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था से मजबूत संकेत मिलने जरूरी हैं.
सोने का भाव कितना नीचे जा सकता है?
सोने ने इस साल 29 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5,500 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था. इसके बाद कीमत में तेज गिरावट देखने को मिली. जून के अंत में भाव 4,000 डॉलर से नीचे चला गया था. अगस्त में कुछ सुधार के बाद 10 अगस्त को हाजिर सोना करीब 4,345 डॉलर प्रति औंस पर था. यानी जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से यह करीब 22% नीचे आ चुका था. अब WGC के अनुमान के मुताबिक, अगर सोना 3,500 डॉलर तक पहुंचता है तो रिकॉर्ड भाव के मुकाबले गिरावट करीब 37% हो जाएगी.
भारत में सोने की कीमत पर क्या असर होगा?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सस्ता होने का असर भारत में भी कीमतों पर पड़ सकता है. हालांकि, यहां सोने का भाव सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कीमत से तय नहीं होता. रुपये और डॉलर की चाल, आयात लागत और घरेलू मांग भी कीमत को प्रभावित करती है. रिपोर्ट में दिए आंकड़ों के मुताबिक, 10 अगस्त को भारत में सोने का भाव करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,500 डॉलर तक आती है, तो भारत में सोने का भाव करीब 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में आ सकता है.
| स्थिति | भारत में सोना | अंतरराष्ट्रीय भाव |
| 29 जनवरी 2026 का रिकॉर्ड | ₹1,76,000/10 ग्राम | $5,500/औंस |
| 10 अगस्त 2026 | ₹1,42,000/10 ग्राम | $4,345/औंस |
| संभावित स्तर | ₹1,10,000–₹1,20,000/10 ग्राम | $3,500/औंस |
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क्या अभी सोना खरीदना फायदेमंद रहेगा?
अगर WGC का अनुमान सही साबित होता है, तो मौजूदा कीमतों से आगे सोना खरीदने वालों को कम भाव का मौका मिल सकता है. खासकर शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने वाले परिवारों को इसका फायदा मिल सकता है. लेकिन कीमत में गिरावट की गारंटी नहीं है. अमेरिकी अर्थव्यवस्था के संकेत, डॉलर की चाल और वैश्विक बाजार की स्थिति आगे सोने की दिशा तय कर सकती है. इसलिए खरीदारी करने वालों के लिए आने वाले समय में कीमतों पर नजर रखना जरूरी होगा.
सोने के साथ चांदी भी हो सकती है सस्ती?
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना रहता है तो चांदी पर भी असर पड़ सकता है. भारत में सोने की मांग फिलहाल कमजोर हुई थी, जबकि दूसरी तिमाही में मांग पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 14% घटी थी. ऐसे में कीमतों में और कमी आने पर मांग में सुधार की संभावना भी बन सकती है.
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