Gold Price Crash: पिछले एक हफ्ते से सोने की कीमतों में ऐसी गिरावट देखने को मिली है जिसने निवेशकों को हैरान कर दिया है. पिछले 40 सालों में यह सोने की सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई है. 13 मार्च को जो सोना 5,200 डॉलर प्रति औंस के करीब था, वह 23 मार्च तक गिरकर 4,354 डॉलर पर आ गया है.
क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, आमतौर पर दुनिया में जब भी युद्ध या तनाव की स्थिति होती है, तो सोने के दाम बढ़ते हैं. लेकिन इस बार मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद सोना अपनी चमक बरकरार नहीं रख पाया. जानकारों का कहना है कि मार्केट में कैश (लिक्विडिटी) की कमी की वजह से कुछ देश और बड़े निवेशक अपना सोना बेच रहे हैं. इसके अलावा डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बदलाव ने भी सोने पर दबाव बढ़ा दिया है.
क्या और नीचे जाएगी कीमत?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने का भाव 4,400 डॉलर के नीचे जाने से अब आगे और गिरावट का रास्ता खुल गया है. अगला बड़ा सपोर्ट लेवल 4,154 डॉलर (200-दिन का मूविंग एवरेज) माना जा रहा है. अगर गिरावट जारी रही, तो कीमतें यहां तक गिरकर ही स्थिर होंगी.
क्या यह निवेश का सही मौका है?
फिलिप नोवा और सैक्सो बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि इस भारी गिरावट को एक अवसर की तरह देखना चाहिए. ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह लंबी अवधि (long-term) के निवेशकों के लिए खरीदारी का एक गोल्डन चांस हो सकता है. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सारा पैसा एक साथ लगाने के बजाय, धीरे-धीरे अलग-अलग स्तरों पर निवेश (staggered entry) करना बेहतर होगा.
क्या सुरक्षित निवेश का दर्जा खत्म हो गया?
फिलहाल सोने की सुरक्षित निवेश (safe-haven) वाली छवि पर थोड़ा असर पड़ा है. ऊंची ब्याज दरें और मजबूत डॉलर ने सोने की तेजी को रोक दिया है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक शॉर्ट-टर्म सुधार (correction) है और लंबी अवधि में सोना वापसी कर सकता है.
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