EPFO Update: केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव करने के लिए ‘EPFO 3.0’ की शुरुआत की है. इस बड़े ओवरहाल का मुख्य उद्देश्य पीएफ (PF) निकासी, पेंशन और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को पेपरलेस और सुपरफास्ट बनाना है. लोकसभा में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने इस नई प्रणाली की प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की है.
EPFO 3.0 की 5 सबसे बड़ी बातें
- 3 दिन में क्लेम सेटलमेंट (PF Claims in 3 Days): अभी तक पीएफ क्लेम सेटल होने में 20 दिन या उससे ज्यादा का समय लगता था. लेकिन EPFO 3.0 के तहत ‘ऑटोमेटेड रिस्क चेक’ सिस्टम लागू किया गया है. अगर आपके दस्तावेज सही हैं, तो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप (Manual Intervention) के आपका क्लेम 3 दिन से भी कम समय में सेटल हो जाएगा.
- सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS): 1 जनवरी 2025 से देश के सभी EPFO कार्यालयों को सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) से जोड़ दिया गया है. अब देश के 70 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को किसी भी बैंक की किसी भी शाखा से निर्बाध रूप से पेंशन मिल सकेगी. अब पेंशन के लिए स्थानीय कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी.
- आसान पीएफ ट्रांसफर (Simplified Transfer): नौकरी बदलने पर पुराने पीएफ को नए अकाउंट में ट्रांसफर करना अब और भी आसान होगा. डिजिटल अपग्रेड के कारण यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटिक हो जाएगी, जिससे कर्मचारियों को पुरानी कंपनियों के पीछे भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
- डिजिटल इंडिया का बड़ा कदम: EPFO 3.0 पूरी तरह से एक एकीकृत (Unified) प्लेटफॉर्म पर आधारित है. इसका लक्ष्य पेपरवर्क को खत्म करना और सभी सेवाओं को एक ही क्लिक पर उपलब्ध कराना है. इसमें एम्प्लॉयमेंट-लिंक्ड बेनिफिट्स और EPS-95 (पेंशन योजना) के अपडेट्स को भी शामिल किया गया है.
- नया सिस्टम न केवल तेज है, बल्कि अधिक सुरक्षित भी है. ऑटोमेटेड रिस्क चेक के जरिए फ्रॉड की संभावना कम होगी और सही लाभार्थी तक पैसा तेजी से पहुंचेगा.
| सुविधा | EPFO 2.0 (पुरानी व्यवस्था) | EPFO 3.0 (नई व्यवस्था) |
| क्लेम समय | 15 से 20 दिन | 3 दिन से कम |
| पेंशन वितरण | स्थानीय कार्यालयों के अधीन | सेंट्रलाइज्ड (CPPS) |
| प्रक्रिया | मैन्युअल और डिजिटल | पूरी तरह ऑटोमेटेड (AI आधारित) |
| ट्रांसफर | अक्सर समय लेने वाला | तत्काल और सुचारू |
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