एलन मस्क को देने पड़े 10,70,00,00,000 रुपये, चार लोगों में बटेंगे पैसे, जिसमें दो Indian भी

Elon Musk settles twitter case with 128 million dollars: 2022 में ट्विटर के बर्खास्त अधिकारियों ने 2024 में एलन मस्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. इसमें आरोप लगाया गया था कि मस्क ने बदले की भावना से सेवरेंस भुगतान रोक दिया, क्योंकि उन्हें 44 अरब डॉलर के अधिग्रहण सौदे को पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ा था, जिसको वे पहले टालना चाहते थे.

Elon Musk settles twitter case with 128 million dollars: टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और उनकी कंपनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने उन पूर्व शीर्ष अधिकारियों के साथ समझौता कर लिया है. इन्होंने 2022 में मस्क के ट्विटर का अधिग्रहण के बाद बकाया सेवरेंस भुगतान न मिलने को लेकर मुकदमा दायर किया था. समझौते के तहत मस्क को कुल 12.8 करोड़ डॉलर (लगभग ₹1,070 करोड़) की राशि चुकानी होगी. यह मामला लंबे समय से चल रहा था और इसमें मस्क पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने जानबूझकर इन अधिकारियों के भुगतान को रोक दिया था.

इस विवाद में ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल, पूर्व सीएफओ नेड सीगल, पूर्व चीफ लीगल ऑफिसर विजय गड्डे और पूर्व जनरल काउंसल सीन एडगेट शामिल थे. इन सभी को मस्क द्वारा अक्टूबर 2022 में ट्विटर का अधिग्रहण पूरा होने के तुरंत बाद हटा दिया गया था. आरोपों के अनुसार, इन अधिकारियों को अगले दिन लगभग 200 मिलियन डॉलर (₹1,670 करोड़) की सेवरेंस और वेस्टेड स्टॉक ऑप्शंस मिलने थे, लेकिन भुगतान रोक दिया गया.

क्यों किया गया था मुकदमा?

इन सभी ने 2024 में एलन मस्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. इसमें आरोप लगाया गया था कि मस्क ने बदले की भावना से सेवरेंस भुगतान रोक दिया, क्योंकि उन्हें 44 अरब डॉलर के अधिग्रहण सौदे को पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ा था, जिसको वे पहले टालना चाहते थे. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अक्टूबर को अमेरिकी अदालत (नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया) में दायर आदेश से यह पुष्टि हुई कि दोनों पक्षों ने समझौते पर सहमति बना ली है. हालांकि अदालत ने इस डील की शर्तों का खुलासा नहीं किया है. अदालत ने उन गवाहियों (डिपोजिशन) को भी टाल दिया है, जिनमें मस्क की गवाही भी शामिल थी. यह अक्टूबर के अंत तक होनी थीं, ताकि समझौते की शर्तों को पूरा करने का समय मिल सके.

मुकदमे में मस्क की किताब भी की गई उद्धृत

मुकदमे में वॉल्टर आइजैकसन की 2023 में प्रकाशित जीवनी ‘Elon Musk’ के अंशों का भी उल्लेख किया गया था, जिनमें दावा किया गया कि मस्क नहीं चाहते थे कि ये अधिकारी अपनी सेवरेंस राशि प्राप्त करें. रिपोर्ट के अनुसार, मस्क सौदे की ऊंची कीमत से नाराज थे और उन्हें लगता था कि ट्विटर का शीर्ष प्रबंधन उन्हें गुमराह कर रहा था. पुस्तक में यह भी बताया गया कि मस्क ट्विटर डील को जल्दी पूरा करना चाहते थे ताकि वे अधिकारियों को दोष के कारण बर्खास्त कर सकें. इससे पहले, अगस्त 2025 में, मस्क और एक्स ने ट्विटर के अन्य पूर्व कर्मचारियों के साथ भी एक अलग समझौता किया था, जिन्होंने भी सैकड़ों मिलियन डॉलर की सेवरेंस राशि लंबित होने का दावा किया था.

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