Electronic Gold Receipts: भारत में सोने (Gold) को हमेशा से सबसे सुरक्षित और पसंदीदा इनवेस्टमेंट ऑप्शन माना जाता रहा है. अब इसी सोने को खरीदने और बेचने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आया है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने सोमवार से इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) सेगमेंट में लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत कर दी है. इसका मतलब है कि अब आप शेयर बाजार के जरिए डिजिटल रूप में असली सोना खरीद और बेच सकेंगे. यह कदम भारत के गोल्ड मार्केट को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी (Transparent) बनाने के लिए उठाया गया है. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और इससे इन्वेस्टर्स को क्या फायदा होगा.
यह EGR क्या है और यह काम कैसे करेगा?
इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) असल में भौतिक सोने (Physical Gold) का ही एक डिजिटल रूप है. जब आप NSE पर EGR खरीदते हैं, तो वह आपके डीमैट खाते में सुरक्षित हो जाता है. यह ठीक वैसे ही काम करता है जैसे आप किसी कंपनी के शेयर्स खरीदते हैं. इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको सोने की शुद्धता (Purity) को लेकर कोई चिंता नहीं करनी होगी, और पूरे देश में सोने की कीमतें एक समान और साफ-सुथरी रहेंगी. इससे सोने के कारोबार में धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी.
लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे हुई?
NSE ने बताया कि लाइव ट्रेडिंग शुरू करने से पहले 16 मई को एक ‘मॉक ट्रेडिंग’ (एक तरह का ट्रायल रन) आयोजित किया गया था. यह ट्रायल बिना किसी तकनीकी खराबी या सिस्टम की गड़बड़ी के पूरी तरह सफल रहा. इसी कामयाबी के बाद 18 मई से इस सर्विस को आम इन्वेस्टर्स के लिए लाइव कर दिया गया है. इस नए प्रोडक्ट को लेकर बाजार के बड़े इन्वेस्टर्स के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है.
सोना जमा और निकालने के लिए क्या इंतजाम हैं?
डिजिटल सोने को संभालने और उसकी वैल्यू तय करने के लिए NSE ने खास सेंटर बनाए हैं. फिलहाल अहमदाबाद और मुंबई में वैल्यूइंग और कलेक्शन सेंटर्स चालू हो चुके हैं. इसके साथ ही दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में भी चार नए सेंटर्स तुरंत प्रभाव से शुरू किए जा रहे हैं. एक्सचेंज की योजना इस नेटवर्क को धीरे-धीरे बढ़ाने की है, जिससे आने वाले समय में देश भर में करीब 120 ऐसे सेंटर्स काम करने लगेंगे.
आम इन्वेस्टर्स को इससे क्या फायदा होगा?
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य भारत में सोने के एक रेगुलेटेड स्पॉट मार्केट (Regulated Spot Market) को तैयार करना है. इससे आम इन्वेस्टर्स को बाजार की सही कीमत (Price Discovery) का पता चलेगा और वे किसी भी बिचौलिए के बिना सीधे सुरक्षित तरीके से इन्वेस्ट कर पाएंगे. NSE भारत का एक प्रमुख एक्सचेंज है, जो ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट और इंडेक्स जैसी सभी वित्तीय सेवाएं एक ही छत के नीचे देता है, इसलिए इस पूरे सिस्टम पर भरोसा करना बेहद आसान है.
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