मुंबई: केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में और राज्य सरकारों की ओर से मूल्यवर्द्धित कर (वैट) में कटौती किये जाने से न केवल आम लोगों को बल्कि अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली है. सरकार के इस फैसले से लोगों की खरीद क्षमता बढ़ेगी, जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ये बातें कहीं हैं. उन्होंने कहा है कि जब लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ेगी, तो उसकी वजह से अतिरिक्त खपत का मौका बढ़ेगा. इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. श्री दास ने कहा कि विभिन्न संकेतकों से पता चलता है कि आर्थिक पुनरुद्धार अब अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है.
उन्होंने कहा कि बहुत जल्द अर्थव्यवस्था की रफ्तार पटरी पर आयेगी और पिछले कई सालों की तुलना में ज्यादा तेजी से आर्थिक विकास होगा. उन्होंने कहा कि भारत के पास महामारी के बाद के परिदृश्य में काफी ऊंची रफ्तार से वृद्धि दर्ज करने की क्षमता दिख रही है.
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि स्टार्टअप परिदृश्य को देखें, तो भारत शीर्ष प्रदर्शन वाले देशों की कतार में आ चुका है. शक्तिकांत दास ने बैंकों को भी कई सलाह दी है. कहा है कि निवेश का चक्र शुरू होने के समय बैंक निवेश के लिए तैयार रहें.
शक्तिकांत दास ने बैंकों से पूंजी प्रबंधन प्रक्रियाओं में सुधार करने के लिए भी कहा है. उन्होंने कहा है कि सितंबर, 2021 में जून के स्तर की तुलना में बैंकों की सकल गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) में और सुधार हुआ है.
Posted By: Mithilesh Jha
