Crude Oil Price: पिछले कुछ दिनों से आसमान छू रही कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में शुक्रवार सुबह थोड़ी राहत देखने को मिली है. ब्रेंट क्रूड, जो कल 119 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था, आज गिरकर 105 डॉलर के आसपास आ गया है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का वह बयान है जिसने बाजार के डर को थोड़ा कम कर दिया है.
आखिर तेल की कीमतें क्यों गिरने लगीं?
कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह नेतन्याहू का यह स्पष्टीकरण है कि ईरान के गैस फील्ड्स (South Pars) पर हुए हमलों में अमेरिका शामिल नहीं था. उन्होंने साफ किया कि इजरायल ने यह कदम अकेले उठाया है. जब तक बाजार को लग रहा था कि इसमें अमेरिका भी शामिल है, तब तक युद्ध का खतरा ज्यादा था. अमेरिका की भागीदारी न होने की खबर मिलते ही निवेशकों ने राहत की सांस ली और कीमतें नीचे आईं.
क्या अब युद्ध का खतरा टल गया है?
नहीं, पूरी तरह से नहीं टला है. हालांकि तेल की कीमतें गिरी हैं, लेकिन तनाव बरकरार है. ईरान ने जवाब में कतर के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर मिसाइल हमले किए हैं. वहीं, नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा है कि वे अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी नहीं थी और उन्होंने शांति की अपील की है. फिलहाल स्थिति वेट एंड वॉच वाली बनी हुई है.
मार्केट और आपकी जेब पर क्या असर होगा?
गुरुवार को कच्चा तेल 119.50 डॉलर के अपने पुराने रिकॉर्ड स्तर को तोड़ने के करीब था, लेकिन आज ब्रेंट क्रूड 2.10% गिरकर 105.53 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है. वहीं अमेरिकी बाजार (WTI) भी 100 डॉलर के नीचे आकर 92.95 डॉलर पर आ गया है. हालांकि, शेयर बाजार अभी भी डरा हुआ है. महंगाई बढ़ने के डर से अमेरिका के मुख्य शेयर इंडेक्स जैसे Dow Jones और Nasdaq गिरावट के साथ बंद हुए हैं.
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