Savings and Investments: पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के लिए एकमुश्त विकल्प बढ़ा दिया है, जिन्होंने 1 अप्रैल से 31 अगस्त 2025 के बीच नौकरी जॉइन की है. अब वे नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में स्थानांतरित हो सकते हैं. यह विकल्प 30 सितंबर 2025 तक उपलब्ध रहेगा.
वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह समयसीमा वही है जो पहले से ही अन्य पात्र वर्गों के लिए तय की गई है. UPS को सरकार ने 24 जनवरी 2025 को अधिसूचित किया था और इसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया.
क्या है यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम, NPS के अंतर्गत एक विकल्प है, जो पुराने पेंशन योजना (OPS) की तरह सुनिश्चित पेंशन आय उपलब्ध कराता है. इसमें लचीलापन भी है. कर्मचारी चाहें तो भविष्य में दोबारा NPS में लौट सकते हैं. शुरुआती नियमों के तहत, वर्तमान कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी और दिवंगत सेवानिवृत्तों के वैध जीवनसाथियों को 30 जून 2025 तक UPS चुनने का मौका दिया गया था. अब सरकार ने उन कर्मचारियों को भी शामिल कर लिया है, जिन्होंने अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच सेवा जॉइन की थी और NPS में रजिस्टर्ड हो गए थे.
सरकार का उद्देश्य
PFRDA के मुताबिक, यह फैसला हाल ही में नियुक्त सभी कर्मचारियों को समान अवसर देने और उनकी रिटायरमेंट योजना को लेकर सुविचारित विकल्प देने के उद्देश्य से लिया गया है.mकेंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जून में बताया था कि UPS में शामिल सभी कर्मचारियों को अब सेवानिवृत्ति और मृत्यु पर ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा, जैसा कि पुराने पेंशन योजना (OPS) में उपलब्ध था.
कार्मिक मंत्रालय के तहत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने इसके लिए आदेश जारी किया है. इसमें यह भी उल्लेख है कि सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में उनके परिजनों को OPS के प्रावधानों के अनुसार लाभ मिल सकेगा.
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