Budget 2026: केंद्रीय बजट से किसानों को कई उम्मीदें हैं. कृषि विकास को लेकर उनकी प्रमुख मांगों में खाद और बीज की बेहतर उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा देना और पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि बढ़ाना शामिल है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को पेश किया. इसमें उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक देश के 11 करोड़ किसानों को 4.09 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की मदद दी जा चुकी है. सरकार का मकसद किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.
क्या बढ़ेगी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि?
पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर बजट से किसानों को काफी उम्मीद है. माना जा रहा है कि केंद्रीय बजट 2026 में किसानों को इस योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाई जा सकती है. वर्तमान में इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की मदद मिलती है. यह तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. लेकिन महंगाई बढ़ने और खेती की लागत ज्यादा होने के कारण किसान संगठन इस राशि को अब कम मानते हैं.
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि क्यों बढ़ने की है उम्मीद?
पिछले कुछ सालों में खेती का खर्च तेजी से बढ़ा है. बीज, खाद, कीटनाशक के अलावा डीजल, बिजली, सिंचाई और कृषि मशीनरी सब कुछ महंगा हो गया है. ऐसे में छोटे और सीमांत किसानों के लिए सालाना 6,000 रुपये की मदद काफी कम है. इसी वजह से बजट 2026 में पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने की मांग तेज हो गई है.
विकसित भारत बनाने में कृषि क्षेत्र की होगी बड़ी भूमिका
भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने में कृषि क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी. हालांकि हाल के वर्षों में इस क्षेत्र को स्थिरता और उत्पादन बढ़ाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. यह बात संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में कही गई. कृषि और उससे जुड़े काम देश की कुल आमदनी में करीब पांचवां हिस्सा देती हैं, लेकिन देश की लगभग आधी आबादी रोजगार के लिए इसी पर निर्भर है. इसलिए खेती देश की तरक्की की राह का अहम हिस्सा है.
