Budget 2025: मोदी सरकार 3.0 में पहली बार बिजनेस करने वाली 5 लाख महिलाओं और SC-ST के लिए नई योजना

Budget 2025: बजट 2025-26 में मोदी सरकार ने एक बार फिर महिलाओं पर फोकस किया है और उनके स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति की चिंता करते हुए घोषणाएं की हैं.

Budget 2025: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 2025-26 के बजट में गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी पर केंद्रित बजट पेश कर रही हैं. उन्होंने अपने बजट भाषण में बताया कि देश की 70 प्रतिशत महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में शामिल हो गई हैं. महिलाओं को केंद्र में रखते हुए पहली बार उद्यम करने वाली पांच लाख महिलाओं के लिए केंद्र सरकार नई योजना लेकर आई है, इस योजना के तहत महिला और एसएसी और एसटी उम्मीदवारों को शामिल किया गया है.

वित्तमंत्री ने बताया कि वे आंगनबाड़ी को और सशक्त करेंगी ताकि गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को किसी भी तरह की असुविधा ना हो. निर्मला सीतारमण ने पोषण 2.0 का ऐलान किया. पोषण योजना के तहत कुपोषण दूर करने और बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार की कोशिश की जाती है. उन्हें पोषाहार उपलब्ध कराए जाते हैं. पोषण योजना के तहत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, पोषण अभियान , आंगनवाड़ी सेवा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और किशोरियों के लिए योजना शामिल हैं. नए स्टार्टअप के 10,000 करोड़ रुपये का नया योगदान दिया जाएगा.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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