Budget 2024 : रोजगार, बिहार और मध्यमवर्ग पर केंद्रित बजट, जानें की-प्वाइंट्‌स

Budget 2024 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए सरकार की नौ प्राथमिकताओं की घोषणा की जिनके आसपास ही बजट की घोषणाएं हुईं हैं.

Budget 2024 : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार 23 जुलाई को वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश किया. इस बजट में सरकार ने गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों पर फोकस करते हुए बजट पेश किया, साथ ही अपनी प्राथमिकताएं भी बताईं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए सरकार की नौ प्राथमिकताओं की घोषणा की है. इनमें उत्पादकता, रोजगार, सामाजिक न्याय, शहरी विकास, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, नए बदलाव और सुधार शामिल हैं. बजट को अगर आप भी समझना चाहते हैं, तो ये हैं कुछ की प्वाइंट जिनके जरिए आप बजट की प्रमुख बातों को आसानी से समझ सकते हैं-

बजट का थीम है रोजगार, कौशल, एमएसएमई और मध्यम वर्ग है. इनके इर्द-गिर्द ही बजट घोषणाएं हुईं हैं-

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  • कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए बजट में 1.52 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है.
  • आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के लिए 15,000 करोड़ की वित्तीय सहायता की घोषणा
  • पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ईपीएफओ में पंजीकृत एक महीने का वेतन तीन किस्तों में मिलेगा.
  • घरेलू संस्थान में पढ़ाई के लिए छात्रों को 10 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी.
  • बिहार में राजमार्गों के लिए 26,000 करोड़ रुपए का आवंटन
  • ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के लिए 2.66 लाख करोड़ आवंटित
  • पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ और घर बनाए जाएंगे
  • एमएसएमई और श्रम-केंद्रित विनिर्माण के लिए, एक क्रेडिट गारंटी योजना.
  • मुद्रा ऋण की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है.
  • 12 औद्योगिक पार्क स्वीकृत
  • पूंजीगत व्यय के लिए 11.11 लाख करोड़, सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3.4%
  • बिहार में बाढ़ नियंत्रण योजना के लिए 11,500 करोड़ रुपए दिए गए.
  • अनुसंधान और नई तकनीक के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का आवंटन
  • राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.9% रहने का अनुमान
  • सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 6% किया गया
  • मोबाइल और चार्जर की कीमत घटेगी
  • लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन 10% से बढ़कर 12.5% ​​हो गया
  • शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन 15% से बढ़कर 20% हुआ
  • एंजेल टैक्स समाप्त
  • नई कर व्यवस्था में
  • वेतनभोगियों के लिए मानक कटौती 50000 से बढ़कर 75000 रुपये हो गई.
  • 0 से 3 लाख – शून्य टैक्स
  • 3 से 7 लाख – 5% टैक्स
  • 7 से 10 लाख – 10% टैक्स
  • 10 से 12 लाख – 15% टैक्स
  • 12 से 15 लाख – 20% टैक्स
  • 15 लाख और उससे अधिक -30% टैक्स
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लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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