Budget 2024 Expectations : क्या है इस बजट से उम्मीद, पूर्ण-बजट के लिए होंगे कुछ संकेत!

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी. संसद में ये बजट, नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट होगा. बजट की तैयारी में शामिल अधिकारी अब अंतिम बजट दस्तावेज के आसपास गोपनीयता बनाए रखने के लिए ‘लॉक-इन’ अवधि में हैं.

Budget 2024 Expectations : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी. संसद में ये बजट, नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट होगा. बजट की तैयारी में शामिल अधिकारी अब अंतिम बजट दस्तावेज के आसपास गोपनीयता बनाए रखने के लिए ‘लॉक-इन’ अवधि में हैं. यूं तो चुनावी साल होने की वजह से इस अंतरिम बजट से अधिक उम्मीदें नहीं है. वित्त मंत्री ने पिछले महीने एक कार्यक्रम में अंतरिम बजट में कोई ‘बड़ी घोषणा’ से इनकार किया था. इसके बाद भी, आम और खास लोगों को इस बजट से काफी उम्मीद है. ऐसे में लोगों की नजर इन बिंदुओं पर होगी.

इन क्षेत्रों में छूट की उम्मीद

विशेषज्ञों को अंतरिम बजट में आयकर छूट सीमा में वृद्धि, महिला उद्यमियों को समर्थन, दीर्घकालिक कराधान नीति और उपभोग तथा बचत को बढ़ावा दिए जाने की उम्मीद है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को आम चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश करेंगी. अखिल भारतीय कर पेशेवर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण जैन ने कहा, ”यह एक अंतरिम बजट होगा, लेकिन इसमें पूर्ण-बजट के लिए कुछ संकेत हो सकते हैं.

करदाताओं को दी जा सकती है रियायत

धारा 87ए के तहत व्यक्तिगत करदाताओं को कुछ रियायत दी जा सकती है. इसके तहत कुल कर छूट सीमा को सात लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये किया जा सकता है.” भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष एन जी खेतान ने कहा कि छोटी और मझोली कंपनियों को समान अवसर देने के लिए कंपनियों, साझेदारियों और सीमित देयता साझेदारियों (एलएलपी) के बीच दीर्घकालिक कराधान नीति और कराधान में समानता की आवश्यकता है.

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एमएसएमई पर अधिक कर!

उन्होंने कहा कि एमएसएमई पर अधिक कर लगाया जाता है जबकि देश की जीडीपी और रोजगार सृजन में उनका बहुत बड़ा योगदान है. बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के राजकोषीय मामलों और कराधान समिति के चेयरपर्सन विवेक जालान ने उम्मीद जताई कि व्यक्तिगत आय कराधान के लिए कुछ कटौतियों को शामिल करते हुए एक सरली योजना शुरू की जा सकती है. फिक्की महिला संगठन (कोलकाता चैप्टर) की चेयरपर्सन राधिका डालमिया ने महिला उद्यमियों के लिए कर में छूट और अधिक मातृत्व अवकाश की वकालत की.

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