Atal Pension Yojana: अगर आप भी अपने बुढ़ापे की चिंता करते हैं, तो सरकार ने आपके लिए एक बड़ा फैसला लिया है. 21 जनवरी को हुई कैबिनेट मीटिंग में Atal Pension Yojana (APY) की समय सीमा बढ़ाकर वित्त वर्ष 2030-31 कर दी गई है. यानी अब आप और भी लंबे समय तक इस स्कीम का हिस्सा बन सकते हैं.
Atal Pension Yojana में क्या खास है?
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि 60 साल की उम्र के बाद आपको हर महीने 1000 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक की फिक्स पेंशन मिलती है. यह स्कीम साल 2015 में उन लोगों के लिए शुरू की गई थी जो मजदूरी या छोटे-मोटे काम करते हैं और जिनके पास भविष्य के लिए कोई सहारा नहीं है.
कौन-कौन इसमें शामिल हो सकता है?
- आपकी उम्र 18 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
- आपको कम से कम 20 साल तक इस स्कीम में पैसे डालने होंगे.
- आप अपनी सुविधा से महीने, तीन महीने या 6 महीने में एक बार पैसा जमा कर सकते हैं.
कितना करना होगा इन्वेस्ट ?
अटल पेंशन योजना में आपको हर महीने कितना पैसा जमा करना होगा, यह आपकी उम्र और आपके द्वारा चुनी गई पेंशन पर निर्भर करता है. अगर आप 18 साल की उम्र में जुड़ते हैं, तो 1,000 रुपए की पेंशन के लिए मात्र 42 रुपए और 5,000 रुपए की पेंशन के लिए 210 रुपए महीना देना होगा. वहीं, अगर आपकी उम्र 40 साल है, तो 1,000 रुपए की पेंशन के लिए 291 रुपए और 5,000 रुपए की पेंशन के लिए हर महीने 1,454 रुपए जमा करने होंगे. आप जितनी कम उम्र में इस स्कीम को शुरू करेंगे, आपकी किस्त उतनी ही कम होगी.
बैंक जाने का झंझट खत्म
इस स्कीम में पैसे जमा करना बहुत आसान है. एक बार बैंक में फॉर्म भरने के बाद, आपके खाते से तय की गई रकम अपने आप (Auto-Debit) कट जाती है. आपको बस अपने खाते में बैलेंस बनाए रखना होता है.
अगर इंवेस्टर्स की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा?
सरकार ने परिवार की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा है:
- अगर खाताधारक की मौत हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी को वही पेंशन मिलती रहेगी.
- अगर दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो 60 साल तक जमा किया गया पूरा फंड आपके वारिस (Nominee) को सौंप दिया जाएगा.
- अगर 60 साल से पहले ही मौत हो जाए, तो जीवनसाथी चाहे तो खाता जारी रखे या पूरा जमा पैसा एक साथ निकाल ले.
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