Atal Pension Yojana: असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की रिटायरमेंट प्लानिंग को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है. PFRDA द्वारा संचालित यह योजना 60 साल की उम्र के बाद लाभार्थियों को हर महीने एक निश्चित आय की गारंटी देती है.
18 से 40 की उम्र के लिए खास मौका
अटल पेंशन योजना में शामिल होने के लिए सरकार ने 18 से 40 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की है. इस स्कीम की सबसे बड़ी शर्त कम से कम 20 साल तक नियमित योगदान करना है. निवेश की राशि आवेदन करने वाले की उम्र पर तय होती है. उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ता है, तो उसे हर महीने मात्र 376 रुपए जमा करने होंगे, जिसके बदले 60 साल की उम्र के बाद उसे 5,000 रुपए की मासिक पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी.
पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद भी मिलता है लाभ
योजना के नियमों के मुताबिक, 60 साल के बाद पेंशनभोगी को आजीवन तय राशि मिलती है. यदि पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी (पति/पत्नी) को उतनी ही पेंशन मिलती रहेगी. वहीं, दोनों की मृत्यु की स्थिति में सरकार नॉमिनी को लगभग 8.5 लाख रुपए का एकमुश्त कॉर्पस (जमा राशि) वापस कर देती है. 60 साल से पहले सदस्य की मृत्यु होने पर जीवनसाथी के पास खाता जारी रखने या पैसा निकालने का विकल्प भी मौजूद रहता है.
टैक्स छूट और जरूरी सावधानियां
APY में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1) के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य की महंगाई को देखते हुए केवल इस पेंशन पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है. इसे रिटायरमेंट पोर्टफोलियो का एक हिस्सा मानना चाहिए और साथ में म्यूचुअल फंड या SIP जैसे अन्य निवेश भी जारी रखने चाहिए.
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