सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! असम बना 8वां वेतन आयोग लागू करने वाला पहला राज्य

8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग सैलरी और पेंशन में संशोधन करेगा. हालांकि प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जाएगी, लेकिन आमतौर पर आयोग की सिफारिशें लागू होने में वक्त लगता है. विशेषज्ञों का मानना है कि नई वेतन व्यवस्था 2027-28 या 2028-29 में लागू हो सकती है.

8th Pay Commission: असम देश का पहला राज्य बन गया है जिसने 8वें राज्य वेतन आयोग का गठन कर दिया है. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब 7वें वेतन आयोग की अवधि 1 जनवरी 2026 को खत्म होने वाली है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसकी घोषणा करते हुए पूर्व मुख्य सचिव सुभाष दास को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है.

कर्मचारियों के लिए क्यों है अहम यह फैसला

इस कदम से राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों में उम्मीद जगी है. 8वां वेतन आयोग सैलरी और पेंशन में संशोधन करेगा. हालांकि प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जाएगी, लेकिन आमतौर पर आयोग की सिफारिशें लागू होने में वक्त लगता है. विशेषज्ञों का मानना है कि नई वेतन व्यवस्था 2027-28 या 2028-29 में लागू हो सकती है.

आगे क्या होगा और असम को क्या फायदा

आमतौर पर वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट देने में करीब 18 महीने लगते हैं. इसके बाद सरकार मंजूरी देकर नई सैलरी और पेंशन लागू करती है. असम ने समय से पहले आयोग बनाकर बढ़त हासिल कर ली है, जिससे संभव है कि राज्य के कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी का फायदा केंद्र के कर्मचारियों से पहले मिल जाए.समय से पहले 8वां वेतन आयोग बनाकर असम ने यह दिखा दिया है कि वह अपने कर्मचारियों के हितों को लेकर गंभीर है. अगर सिफारिशें जल्दी आ जाती हैं, तो असम के कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी का फायदा सबसे पहले मिल सकता है.

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Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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