Andhra Pradesh Population Policy: आंध्र प्रदेश में अब ‘हम दो, हमारे दो’ का पुराना नारा बीते दिनों की बात होने जा रही है. राज्य की गिरती जन्म दर और भविष्य में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या की चिंता ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को एक क्रांतिकारी फैसला लेने पर मजबूर कर दिया है.
अब राज्य सरकार जनसंख्या घटाने के बजाय उसे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, जिसके तहत दूसरा बच्चा होने पर माता-पिता को ₹25,000 का नकद इनाम देने की योजना बनाई गई है. यह कदम न केवल परिवारों को आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि राज्य की डेमोग्राफी को संतुलित करने की दिशा में एक बड़ा ‘गेम-चेंजर’ साबित हो सकता है.
दूसरे बच्चे पर ₹25,000 की नकद मदद
सरकार एक नई योजना पर विचार कर रही है जिसके तहत अगर कोई कपल दूसरा बच्चा (या उससे ज्यादा) पैदा करता है, तो डिलीवरी के समय ही उन्हें ₹25,000 दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री का मानना है कि यह एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा और परिवारों को आर्थिक संबल देगा.
‘हम दो-हमारे दो’ से किनारा, अब ‘जनसंख्या बढ़ाओ’ पर जोर
आंध्र प्रदेश में प्रजनन दर (TFR) गिरकर 1.5 पर आ गई है, जबकि जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए यह कम से कम 2.1 होनी चाहिए. अगर यही हाल रहा, तो 2047 तक राज्य की 23% आबादी बुजुर्ग हो जाएगी और काम करने वाले युवाओं की कमी हो जाएगी. और इसी डर की वजह से सरकार नसबंदी (Sterilisation) को बढ़ावा देने वाले पुराने नियमों को खत्म करेगी.
‘पॉपुलेशन केयर’ के 5 बड़े स्तंभ
नई पॉलिसी सिर्फ पैसे देने तक सीमित नहीं है, इसे पांच मुख्य हिस्सों में बांटा गया है.
- मातृत्व (Matrutva): निसंतान दंपत्तियों के लिए सरकारी और प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए IVF (कृत्रिम गर्भाधान) की सुविधा दी जाएगी.
- शक्ति (Shakti): कामकाजी महिलाओं के लिए ऑफिस में बेहतर सुविधाएं, अर्बन हाउसिंग और पेरेंटल लीव (माता-पिता के लिए छुट्टी) का इंतजाम.
- संजीवनी (Sanjeevani): हेल्थ रिकॉर्ड्स को डिजिटल करना और AI के जरिए स्वास्थ्य जोखिमों की जांच.
- क्षेम (Kshema): बुजुर्गों का ख्याल रखना. रिटायर हो चुके 50,000 प्रोफेशनल्स को मेंटर के तौर पर काम दिया जाएगा.
- नैपुण्यम (Naipunyam): युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देना ताकि आने वाले समय में जो ₹13 लाख करोड़ का निवेश राज्य में आ रहा है, उसके लिए वर्कफोर्स तैयार रहे.
