इस राज्य में बच्चा पैदा करने पर मिलेंगे ₹25,000; जानें क्या है सरकार का प्लान

Andhra Pradesh Population Policy : आंध्र प्रदेश में गिरती जन्म दर को रोकने के लिए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बड़ा फैसला लिया है. अब दूसरा बच्चा होने पर सरकार माता-पिता को ₹25,000 का इनाम देगी. अप्रैल से लागू होने वाली इस नई ‘पॉपुलेशन केयर’ नीति का मकसद राज्य में युवाओं की संख्या बढ़ाना है.

Andhra Pradesh Population Policy: आंध्र प्रदेश में अब ‘हम दो, हमारे दो’ का पुराना नारा बीते दिनों की बात होने जा रही है. राज्य की गिरती जन्म दर और भविष्य में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या की चिंता ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को एक क्रांतिकारी फैसला लेने पर मजबूर कर दिया है.

अब राज्य सरकार जनसंख्या घटाने के बजाय उसे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, जिसके तहत दूसरा बच्चा होने पर माता-पिता को ₹25,000 का नकद इनाम देने की योजना बनाई गई है. यह कदम न केवल परिवारों को आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि राज्य की डेमोग्राफी को संतुलित करने की दिशा में एक बड़ा ‘गेम-चेंजर’ साबित हो सकता है.

दूसरे बच्चे पर ₹25,000 की नकद मदद

सरकार एक नई योजना पर विचार कर रही है जिसके तहत अगर कोई कपल दूसरा बच्चा (या उससे ज्यादा) पैदा करता है, तो डिलीवरी के समय ही उन्हें ₹25,000 दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री का मानना है कि यह एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा और परिवारों को आर्थिक संबल देगा.

‘हम दो-हमारे दो’ से किनारा, अब ‘जनसंख्या बढ़ाओ’ पर जोर

आंध्र प्रदेश में प्रजनन दर (TFR) गिरकर 1.5 पर आ गई है, जबकि जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए यह कम से कम 2.1 होनी चाहिए. अगर यही हाल रहा, तो 2047 तक राज्य की 23% आबादी बुजुर्ग हो जाएगी और काम करने वाले युवाओं की कमी हो जाएगी. और इसी डर की वजह से सरकार नसबंदी (Sterilisation) को बढ़ावा देने वाले पुराने नियमों को खत्म करेगी.

‘पॉपुलेशन केयर’ के 5 बड़े स्तंभ

नई पॉलिसी सिर्फ पैसे देने तक सीमित नहीं है, इसे पांच मुख्य हिस्सों में बांटा गया है.

  • मातृत्व (Matrutva): निसंतान दंपत्तियों के लिए सरकारी और प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए IVF (कृत्रिम गर्भाधान) की सुविधा दी जाएगी.
  • शक्ति (Shakti): कामकाजी महिलाओं के लिए ऑफिस में बेहतर सुविधाएं, अर्बन हाउसिंग और पेरेंटल लीव (माता-पिता के लिए छुट्टी) का इंतजाम.
  • संजीवनी (Sanjeevani): हेल्थ रिकॉर्ड्स को डिजिटल करना और AI के जरिए स्वास्थ्य जोखिमों की जांच.
  • क्षेम (Kshema): बुजुर्गों का ख्याल रखना. रिटायर हो चुके 50,000 प्रोफेशनल्स को मेंटर के तौर पर काम दिया जाएगा.
  • नैपुण्यम (Naipunyam): युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देना ताकि आने वाले समय में जो ₹13 लाख करोड़ का निवेश राज्य में आ रहा है, उसके लिए वर्कफोर्स तैयार रहे.

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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