Bharat Taxi App: कैब एग्रीगेटर सेक्टर में अब तक जो बड़ी प्राइवेट कंपनियों का दबदबा था, उसे चुनौती देने के लिए देश की पहली सहकारी कैब सर्विस भारत टैक्सी आज से सड़कों पर उतर रही है. गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे, जो पूरी तरह से सहकारिता (Cooperative) के सिद्धांत पर आधारित है.
निजी कंपनियों की मनमानी पर लगेगा लगाम
इस सर्विस का सबसे बड़ा आकर्षण जीरो कमीशन नीति है. वर्तमान में ड्राइवरों को अपनी मेहनत का एक बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में कंपनियों को देना पड़ता है, लेकिन भारत टैक्सी में ड्राइवर ही मुनाफे के हकदार होंगे. उन्हें केवल एक नाममात्र का सब्सक्रिप्शन शुल्क देना होगा.
यात्रियों और ड्राइवरों के लिए क्या है खास?
- बारिश या दफ्तर के समय किराए में होने वाली भारी बढ़ोतरी अब नहीं होगी. ग्राहकों को उचित और पारदर्शी रेट मिलेंगे.
- ड्राइवरों को ₹5 लाख का दुर्घटना बीमा और परिवार के लिए हेल्थ कवर मिलेगा.
- महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष तौर पर महिला ड्राइवरों की भर्ती की जाएगी, जिनका लक्ष्य 2030 तक 15 हजार रखा गया है.
- यह ऐप कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा ताकि हर कोई आसानी से इसे इस्तेमाल कर सके.
| समय सीमा | विस्तार का लक्ष्य |
| मार्च 2026 तक | दिल्ली, राजकोट, मुंबई और पुणे में 5,000 ड्राइवरों के साथ शुरुआत. |
| दिसंबर 2026 तक | लखनऊ, भोपाल, जयपुर में विस्तार; 15,000 ड्राइवरों का लक्ष्य. |
| 2027-28 तक | देश के 20 प्रमुख शहरों में पैन-इंडिया कवरेज. |
| 2030 तक | जिला मुख्यालयों और गाँवों तक 1 लाख ड्राइवरों का बड़ा नेटवर्क. |
सहकारिता से समृद्धि का नया मॉडल
इस पूरे प्रोजेक्ट का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. अमूल (Amul) के एमडी जयेन मेहता और एनसीडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में इसे एक प्रोफेशनल और विश्वसनीय ब्रांड के रूप में खड़ा किया गया है. ट्रायल रन की सफलता के बाद, इसे अब दिल्ली और गुजरात से पूरे भारत में ले जाने की तैयारी है.
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