शराब की बोतल लौटाओ, तुरंत पाओ 10 रुपये! ओवरचार्जिंग रोकने के लिए शुरू हुआ नया सिस्टम

AI in Liquor Shops: अब टास्मेक दुकानों पर शराब की खाली बोतल जमा करने पर मिलेंगे 10 रुपये वापस. जानें कैसे AI मशीन रोकेगी अवैध वसूली और प्रदूषण.

AI in Liquor Shops: तमिलनाडु में शराब खरीदने वालों के लिए एक दिलचस्प भरी खबर सामने आई है. लंबे समय से ‘टास्मेक’ (TASMAC) दुकानों पर एमआरपी (MRP) से 10 रुपये ज्यादा वसूले जाने की समस्या से सरकार और आम जनता दोनों परेशान थे इस अवैध वसूली पर लगाम लगाने के लिए अब सरकार ने एक हाई-टेक और अनोखा रास्ता अपनाया है. राज्य की कुछ शराब दुकानों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस ‘बोतल कलेक्टिंग मशीनें’ लगाने का ट्रायल शुरू किया गया है.

यह नई मशीन कैसे काम करती है?

यह तकनीक बेहद सरल लेकिन प्रभावी है. जब कोई ग्राहक शराब पीने के बाद खाली बोतल को इस विशेष मशीन में डालता है, तो उसकी पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक हो जाती है:

  • स्कैनिंग: मशीन में लगा एडवांस स्कैनर बोतल पर मौजूद क्यूआर कोड को तुरंत पढ़ लेता है.
  • पहचान: क्यूआर कोड के जरिए मशीन यह सुनिश्चित करती है कि बोतल सही है.
  • कैशबैक: जैसे ही बोतल की पहचान होती है, मशीन तुरंत 10 रुपये उस व्यक्ति को वापस कर देती है.

क्या इससे ओवरचार्जिंग की समस्या खत्म होगी?

सरकार का मानना है कि यह डिजिटल समाधान दुकानों पर चल रही ‘एक्स्ट्रा वसूली’ की मनमानी को जड़ से खत्म कर देगा. अब तक दुकानदार ग्राहकों से जबरन 10 रुपये अधिक लेते थे, जिससे प्रशासन के लिए शिकायतों का अंबार लग गया था. अब चूंकि ग्राहक को मशीन के जरिए अपने पैसे सीधे वापस मिल जाएंगे, इसलिए दुकानदारों के लिए किसी भी तरह की धांधली करना लगभग नामुमकिन होगा.

पर्यावरण के लिए यह क्यों है फायदेमंद?

यह पहल सिर्फ पैसों की बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा. अक्सर शराब की खाली बोतलें सड़कों, खेतों या सार्वजनिक स्थानों पर फेंक दी जाती हैं, जिससे कचरा तो फैलता ही है. साथ ही चोट लगने का खतरा भी बना रहता है. अब 10 रुपये वापस पाने के लालच में लोग खाली बोतल को इधर-उधर फेंकने के बजाय संभालकर रखेंगे और उसे मशीन में जमा करेंगे. इससे बोतलों का सही तरीके से निपटान और रीसाइक्लिंग करना भी आसान हो जाएगा.

क्या यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू होगी?

फिलहाल, इस सिस्टम को एक प्रायोगिक (ट्रायल) आधार पर शुरू किया गया है. अगर यह प्रयोग सफल रहता है और मशीनें बिना किसी तकनीकी खराबी के काम करती हैं, तो भविष्य में राज्य की सभी टास्मेक दुकानों पर ये मशीनें नजर आएंगी.

ये भी पढ़ें: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते की तारीख तय, 15 जुलाई से सस्ती होंगी ये चीजें, व्हिस्की पर 150% टैक्स घटकर हुआ 40%

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >