Diesel Price Hike: प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ने के बाद अब इंडस्ट्रियल डीजल भी महंगा हो गया है .Indian Oil Corporation ने इसकी कीमत ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹109.59 प्रति लीटर कर दी है. इस बढ़ोतरी का असर उद्योग, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की लागत पर पड़ सकता है.
कौन खरीदता है इसे?
यह डीजल आम पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलता. इसे बड़ी फैक्ट्रियां, बिजली घर (Power Plants), कंस्ट्रक्शन साइट्स, माइनिंग कंपनियां और बड़े जनरेटर चलाने वाले सीधे तेल कंपनियों से थोक में खरीदते हैं. दाम बढ़ने के बाद अब लोहे, सीमेंट और बिजली बनाने वाली कंपनियों की भी लागत बढ़ जाएगी.
क्यों बढ़ी चिंता ?
भले ही यह डीजल फैक्ट्रियों के लिए है, लेकिन इसका असर घूम-फिरकर आपकी जेब पर ही पड़ेगा. जब फैक्ट्रियों का खर्चा बढ़ता है, तो वे अपने सामान (जैसे बिस्कुट, कपड़े या सरिया) के दाम बढ़ा देती हैं. बड़े मालवाहक जहाजों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी भारी लागत बढ़ने की आशंका है, जिससे सामान की ढुलाई महंगी हो सकती है.
आम जनता के लिए राहत की बात
अच्छी खबर यह है कि सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी आपकी बाइक या कार में डलने वाले रेगुलर तेल के दाम अभी भी स्थिर हैं. कंपनियों ने केवल ‘प्रीमियम पेट्रोल’ (करीब ₹2 महंगा) और ‘थोक डीजल’ के दाम बढ़ाकर अपना बोझ कम करने की कोशिश की है.
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