”क्या हमें भी फेसबुक-गूगल को ना कह देना चाहिए”

नयी दिल्ली : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों पर टेलिकॉम दिग्गज सुनील भारती मित्तल ने शनिवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या भारत को भी फेसबुक और गूगल को सिर्फ इसलिए ना कर देना चाहिए क्योंकि वह दोनों अमेरिकी कंपनियां हैं. मित्तल ने कहा कि उन्हें अमेरिकी संरक्षणवाद से […]

नयी दिल्ली : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों पर टेलिकॉम दिग्गज सुनील भारती मित्तल ने शनिवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या भारत को भी फेसबुक और गूगल को सिर्फ इसलिए ना कर देना चाहिए क्योंकि वह दोनों अमेरिकी कंपनियां हैं.

मित्तल ने कहा कि उन्हें अमेरिकी संरक्षणवाद से बहुत चिंता नहीं है, क्योंकि उनका बिजनेस पूरी तरह घरेलू बाजार पर आधारित है. लेकिन जब विदेशी कंपनियां भारत में बड़ा मुनाफा कमा रही हों तो भारतीय कामगारों को रोकना बिल्कुल अनुचित है. उन्होंने कहा, ‘अगर आपके सामने ऐसे हालात पैदा हो जाते हैं कि अर्थव्यवस्था को गति देनेवाले कुशल कामगारों के प्रवेश पर ही पाबंदी लगा दी जाये या भारतीय कंपनियों को सिर्फ इसलिए एक खास सैलरी देने के लिए मजबूर किया जाये ताकि वो उन देशों में प्रतिस्पर्धा के लायक ही नहीं बचें तो मुझे लगता है कि यह उन कंपनियों के खिलाफ अनुचित कार्रवाई है जो वहां (अमेरिका में) व्यापार करना चाहती हैं.’

दरअसल, मित्तल से यह पूछा गया था कि अगर उनकी कंपनी एयरटेल को किसी खास देश में प्रवेश नहीं दिया जाये तो उनकी प्रतिक्रिया क्या होगी. इसी सवाल पर मित्तल ने गूगल, फेसबुक और वॉट्सऐप का उदाहरण दिया जिनके भारत में करोड़ों यूजर हैं. इनका हवाला देते हुए मित्तल ने पूछा कि क्या इन कंपनियों को भारत में तब भी संचालन की अनुमति मिलनी चाहिए जबकि इसी तरह के ऐप भारतीय कंपनियों के भी हों.

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