8th Pay Commission को लेकर सरकारी कर्मचारियों में जितनी उत्सुकता है, उतनी ही उलझन बैंक कर्मचारियों के मन में भी रहती है. अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि सभी सरकारी संस्थानों में वेतन वृद्धि का नियम एक जैसा है, लेकिन हकीकत इससे अलग है. 8वें वेतन आयोग का फायदा सरकारी बैंक (PSB) के कर्मचारियों को नहीं मिलेगा. इसका कारण यह है कि बैंक कर्मचारियों की सैलरी तय करने का सिस्टम पूरी तरह अलग है.
बैंक कर्मियों के लिए अलग ‘पे-कमीशन’ क्यों नहीं?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों (जैसे रेलवे, पोस्ट ऑफिस, डिफेंस) की सैलरी हर 10 साल में ‘सेंट्रल पे कमीशन’ के जरिए रिवाइज होती है. इसके विपरीत, बैंक कर्मचारियों का वेतन हर 5 साल में रिवाइज किया जाता है.
- नियम: बैंकर्स की सैलरी Bipartite Settlement (द्विपक्षीय समझौते) के जरिए बढ़ती है.
- कौन तय करता है: यह समझौता इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और बैंक कर्मचारी संगठनों (Unions) के बीच होता है.
12वां द्विपक्षीय समझौता (12th Bipartite Settlement)
बैंक कर्मियों की सैलरी में आखिरी बड़ी बढ़ोतरी साल 2024 में फाइनल हुई थी.
- वेतन वृद्धि: इसमें कर्मचारियों की सैलरी में 17 प्रतिशत का इजाफा किया गया.
- अवधि: यह रिवीजन नवंबर 2022 से प्रभावी है और 2027 तक मान्य रहेगा.
- अन्य लाभ: इसमें बिरीवमेंट लीव (परिजनों के निधन पर छुट्टी) और यूनियन पदाधिकारियों के लिए विशेष अवकाश जैसे प्रावधान किए गए.
अब अगली बारी कब? (13th Bipartite Settlement)
चूंकि बैंक कर्मियों का समझौता 5 साल के लिए होता है, इसलिए अगला वेतन संशोधन 2027 में होना है. वित्त मंत्रालय ने बैंकों को पहले ही कह दिया है कि 13वें समझौते की प्रक्रिया अप्रैल 2027 तक पूरी कर ली जाए ताकि कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके.
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