लोगों को निर्णय करने की आजादी हो : रतन टाटा

चेन्नई : ‘असहिष्णुता’ को लेकर बढती बहस के बीच उद्योगपति रतन टाटा ने आज कहा कि किसी को क्या करना है, उसका फैसला करने की आजादी उसे होनी चाहिए और लोग क्या करें या क्या न करें, यह बताने में सरकार की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. इससे दुनिया में हमारे देश की छवि बेहतर […]

चेन्नई : ‘असहिष्णुता’ को लेकर बढती बहस के बीच उद्योगपति रतन टाटा ने आज कहा कि किसी को क्या करना है, उसका फैसला करने की आजादी उसे होनी चाहिए और लोग क्या करें या क्या न करें, यह बताने में सरकार की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. इससे दुनिया में हमारे देश की छवि बेहतर होगी. टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘यदि भारत को अभी और भविष्य में चमकना है तो लोगों को निर्णय करने की आजादी होनी चाहिए. सरकार निगरानी कर सकती है, लेकिन वह यह नहीं बता सकती कि लोग क्या करें.’

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