नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केंद्र सरकार को यह तय करने को कहा है कि जेनेवा स्थित एचएसबीसी बैंक में 627 भारतीयों के जमा कथित कालाधन की आयकर जांच अगले वर्ष मार्च के अंत तक पूरी कर ली जाये. न्यायालय ने कहा कि अगर किसी कारणवश जांच पूरी नहीं हो पाती है तो केंद्र सरकार उसकी समय सीमा बढ़ाने के बारे में उचित निर्णय लेगी.
प्रधान न्यायाधीश एचएल धत्तू, न्यायमूर्ति एमबी लोकुर और न्यायमूर्ति एके सीकरी की पीठ ने न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल एसआइटी को कालाधन जमाकर्ताओं के बारे में प्राप्त कुछ सूचनाओं और पत्रचार की जानकारी याचिकाकर्ताओं को देने के बारे में विचार करने को कहा. पीठ ने राम जेठमलानी के वकील अनिल दीवान की दलील मंजूर कर ली, जिसमें मामलों की जांच की रिपोर्ट की प्रतियां याचिकाकर्ता को सौंपने पर विचार करना चाहिए. मामले की अगली सुनवाई बीस जनवरी को होगी.
