नयी दिल्ली : सरकार का जीएसटी रेवन्यू कलेक्शन इस साल एक लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया. वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. जुलाई में लागू जीएसटी टैक्स प्रणाली के बाद पहला ऐसा मौका है जब राजस्व एक लाख करोड़ के पार हो गया. सरकार के मुताबिक यह इकोनॉमी में बेहतरी के संकेत हैं.
मार्च में यह आंकड़ा 89,264 करोड़ रुपये था. जीएसटी संग्रह में वृद्धि अर्थव्यवस्था में तेजी बताता है. हालांकि सामान्य तौर पर यह देखा जाता है कि वित्त वर्ष के अंतिम महीने में लोग पिछले महीने के बकाये का भी भुगतान करने की कोशिश करते हैं और इसीलिए अप्रैल 2018 के राजस्व को भविष्य के लिये प्रवृत्ति नहीं माना जा सकता.
अप्रैल 2018 में निपटान के बाद केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों का कुल राजस्व प्राप्ति केंद्रीय जीएसटी के रूप में 32,493 करोड़ रुपये तथा राज्य जीएसटी के रूप में 40,257 करोड़ रुपये रही. मार्च के लिये जहां तक जीएसटीआर 3 बी रिटर्न की संख्या का सवाल है , 30 अप्रैल तक कुल 69.5 प्रतिशत ने रिटर्न फाइल किये. कुल 87.12 लाख के मुकाबले 60.47 लाख ने मार्च के लिये रिटर्न फाइल किये.
कंपोजिशन योजना अपनाने वाले कुल 19.31 लाख कारोबारियों में से 11.47 लाख ने जीएसटीआर -4 दाखिल किये और कुल 579 करोड़ रुपये कर का भुगतान किया. यह 1.03 लाख करोड़ रुपये के कुल जीएसटी संग्रह में शामिल है
