नयी दिल्ली : पंजाब नेशनल बैंक में करीब 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद बैंकों के फ्रॉड का मामला लगातार प्रकाश में आ रहा है. रोटोमैक कंपनी के मालिक पर भी बैंकों से फ्रॉड का मामला दर्ज कर प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई जांच कर रही है. वहीं एक नया मामला सामने आया है. सीबीआई ने दिल्ली के करोल बाग स्थित एक ज्वेलर द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल के खिलाफ ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 390 करोड़ के फ्रॉड का मामला दर्ज किया है.
सीबीआई ने गुरुवार को ही ज्वेलरी आउटलेट के खिलाफ मामला दर्ज किया है. सीबीआई मामले की जांच कर रही है. यह कंपनी डायमंड, गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी की मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग का काम करती है. इस कंपनी ने ओबीसी की ग्रेटर कैलाश-2 स्थित ब्रांच से 2007 में लेटर ऑफ क्रेडिट बनवाकर कई प्रकार के लोन हासिल किये.
कंपनी के संचालक और 10 डायरेक्टर्स की शिकायत बैंक ने 16 अगस्त 2017 को सीबीआई से की थी. इससे पहले बैंक ने जांच में पाया था कि कंपनी के संचालक सभ्य सेठ और रीता सेठ अपने डायरेटर्स के साथ मिलकर बैंक की ओर से मिले लेटर ऑफ क्रेडिट का इस्तेमाल कर कई लोन हासिल किये और उन्हें नहीं चुकाया.
बैंक की ओर से बताया गया कि जांच के दौरान कंपनी के संचालक और बाकी के 10 डायरेक्टर पिछले 10 माह से अपने आवास पर नहीं मिल रहे हैं. बैंक ने अंदेशा जताया है कि हो सकता है वे लोग भी नीरव मोदी और विजय माल्या की तरह देश छोड़कर भाग गये हैं. कंपनी के दोनों संचालक पंजाबी बाग के रहने वाले हैं. इसके अलावा कृष्ण कुमार सिंह और रवि कुमार सिंह भी इस कंपनी से जुड़े हैं, ये दोनों सराय काले खां के निवासी हैं. सीबीआई ने अपनी एफआईआर में इन सभी के नाम दर्ज किये हैं.
PM मोदी ने तोड़ी चुप्पी – जनता का धन लूटने वाले बर्दाश्त नहीं, होगी कड़ी कार्रवाई
पीएनबी में 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और जनता के धन की लूट बर्दाश्त नहीं की जायेगी. एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह सरकार वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और कड़ी कार्रवाई करती रहेगी.’
मोदी ने कहा, ‘प्रणाली (सरकार) सार्वजनिक धन की लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी.’ उन्होंने कहा कि वित्तीय संस्थानों के प्रबंधन, आडिटरों व नियामकों को अपना काम पूरे समर्पण से करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों को नियम व नीतियां बनाने तथा उच्च आचार कायम रखने का काम मिला है, मैं उन लोगों से अपील करना चाहूंगा वे अपना काम पूरे समर्पण व कर्मठता से करें.’
