नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन बिबेक देबराय ने कहा है कि नोटबंदी को कालेधन के खिलाफ सरकार की पहल के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि अलग से.
उन्होंने कहा कि सरकार इससे पहले काले धन की घोषणा करने की योजना लायी थी, जिससे केवल 6500 करोड़ रुपये मिले.
उन्होंने यहां प्रोफेसर आर वैद्यनाथन की किताब ब्लैक मनी एंड टैक्स हेवंस के विमोचन कार्यक्रम में यह बात कही.
नकदी आधारित अर्थव्यस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2000-01 में भारत का नकदी-जीडीपी अनुपात 9-10 प्रतिशत था, जो हाल ही में बढ़ कर 13 प्रतिशत हो गया जो नकदी के अधिक इस्तेमाल का दर्शाता है.
