जीएसटी सेस को लेकर वाहन कंपनियों की चिंता पर गंभीरता से विचार कर रही है सरकार

नयी दिल्ली: केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने गुरुवार को कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) उपकर (सेस) को लेकर वाहन विनिर्माताओं की चिंता पर ‘गंभीरता ‘ से विचार कर रहे हैं. वाहन विनिर्माताओं ने लग्जरी या महंगी गाड़ियों पर उपकर बढ़ाने जाने पर चिंता जतायी है. गीते ने […]

नयी दिल्ली: केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने गुरुवार को कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) उपकर (सेस) को लेकर वाहन विनिर्माताओं की चिंता पर ‘गंभीरता ‘ से विचार कर रहे हैं. वाहन विनिर्माताओं ने लग्जरी या महंगी गाड़ियों पर उपकर बढ़ाने जाने पर चिंता जतायी है. गीते ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हमने इस बारे में वित्त मंत्री से आग्रह किया है. उद्योग ने ज्ञापन दिया है, जिसे हमने वित्त मंत्री को भेजा है. वित्त मंत्री जेटली गंभीरता से इस पर विचार कर रहे हैं.

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वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के 57वें वाषर्कि सम्मेलन के मौके पर गीते ने अलग से यह जानकारी दी. सरकार ने बड़ी कारों तथा स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों (एसयूवी) पर उपकर बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया है, जिससे लग्जरी कार कंपनियां काफी चिंतित हैं. उनका कहना है कि यह उदार बाजार परिदृश्य के सिद्धांत के खिलाफ है तथा इससे मेक इन इंडिया पहल के तहत उनकी विस्तार योजना प्रभावित होगी.

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर, मर्सिडीज बेंज, ऑडी तथा बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों का मानना है कि बड़ी और लग्जरी कारों तथा एसयूवी पर उपकर बढ़ाने से पूरी मूल्य शृंखला में उद्योग पर असर होगा. इन कंपनियों का कहना है कि नीति में लगातार बदलाव से दीर्घावधि की योजना प्रभावित होती है. इससे देश की वित्तीय रेटिंग पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.

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