रहीम दास बोले- आदर घटे नरेस ढिग...

आदर घटे नरेस ढिग, बसे रहे कछु नाहिं !! जो रहीम कोटिन मिले, धिक जीवन जग मांहि !! अर्थात जहां आपका सम्मान न हो, ऐसे राज या उच्चाधिकारी के पास कभी मत रहो. रहीम कहते हैं, ऐसे स्थानों पर भले करोड़ों रुपए मिलें, तो भी ऐसा अपमानित जीवन निरर्थक है.

आदर घटे नरेस ढिग, बसे रहे कछु नाहिं !!

जो रहीम कोटिन मिले, धिक जीवन जग मांहि !!

अर्थात

जहां आपका सम्मान न हो, ऐसे राज या उच्चाधिकारी के पास कभी मत रहो. रहीम कहते हैं, ऐसे स्थानों पर भले करोड़ों रुपए मिलें, तो भी ऐसा अपमानित जीवन निरर्थक है.

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