आपने शायद नोटिस किया होगा कि ज्यादातर बाइक्स के डिस्क ब्रेक पर छोटे-छोटे छेद बने होते हैं. कई लोग सोचते हैं कि ये सिर्फ स्टाइलिश लुक देने या वजन कम करने के लिए होते हैं, लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है. इंजीनियरों के मुताबिक, ये छोटे छेद सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते, बल्कि बेहतर ब्रेकिंग, ज्यादा सेफ्टी और डिस्क की लंबी लाइफ में भी बड़ा रोल प्ले करते हैं. आइए जानते हैं कैसे.
हीट को बाहर निकालकर ब्रेक फेड से बचाते हैं ये होल्स
जब भी आप ब्रेक लगाते हैं, तो ब्रेक पैड और डिस्क रोटर के बीच घर्षण (Fricition) होता है, जिससे काफी हाई अमाउंट में गर्मी (हीट) जनरेट होती है. यहीं पर इन छेदों का काम शुरू होता है. ये डिस्क के अंदर और आसपास हवा के फ्लो को रास्ता देते हैं, जिससे गर्मी तेजी से बाहर निकल जाती है और ब्रेक ठंडे बने रहते हैं.
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ब्रेक फेड होने का खतरा कम हो जाता है. लंबी ढलानों पर सफर करते समय, शहर के भारी ट्रैफिक में बार-बार ब्रेक लगाने पर या फिर किसी इमरजेंसी सिचुएशन में अचानक तेज ब्रेक लगाने के दौरान यह चीज काफी मदद करती है.
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डिस्क पर बने छेद बढ़ाते हैं ब्रेकिंग परफॉर्मेंस
डिस्क ब्रेक में दिए गए ये छोटे-छोटे छेद हर मौसम और सड़क की सिचुएशन में ब्रेकिंग को भरोसेमंद बनाए रखने में मदद करते हैं. मान लीजिए आप बारिश में स्कूटी या बाइक चला रहे हैं. ऐसे में डिस्क और ब्रेक पैड के बीच पानी की एक पतली परत बन सकती है, जिससे कुछ पलों के लिए ब्रेकिंग का असर कम हो जाता है. लेकिन डिस्क पर मौजूद ये छेद पानी को तेजी से बाहर निकाल देते हैं. इससे ब्रेक पैड दोबारा तुरंत डिस्क के कॉन्टैक्ट में आ जाते हैं और ब्रेकिंग बेहतर बनी रहती है.
इसी तरह धूल, मिट्टी और ब्रेक डस्ट भी इन छेदों के जरिए आसानी से बाहर निकल जाती है, बजाय इसके कि वे डिस्क की सतह पर जमा हों. नतीजा यह होता है कि चाहे सड़क गीली हो, धूल भरी हो या कीचड़ वाली, आपको हर सिचुएशन में ज्यादा स्मूद, बेहतर और स्टेबल ब्रेकिंग का ब्रेकिंग मिलता है.
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