क्या बाइक का क्रूज कंट्रोल कार जैसा ही होता है? जानिए कैसे काम करता है और इसके फायदे

Bike Cruise Control: बाइक्स में अब क्रूज कंट्रोल फीचर धीरे-धीरे नॉर्मल हो रहा है, जो पहले सिर्फ कारों तक सीमित था. यह सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक तरीके से तय स्पीड को बनाए रखता है. इससे राइडर को लगातार एक्सेलरेटर पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ती. खासकर हाईवे पर यह सुविधा सफर को ज्यादा काम वाला बनाती है.

Bike Cruise Control: जो फीचर कभी सिर्फ महंगी और लग्जरी कारों तक लिमिटेड थी, अब धीरे-धीरे बाइक्स में भी अपनी जगह बना रहा है. हम बात कर रहे हैं क्रूज कंट्रोल की. यानी ऐसी टेक्नोलॉजी जो बाइक को बिना लगातार एक्सेलरेटर पकड़े एक तय स्पीड पर चलाए रखती है. ये फीचर अब भारत की कई बाइक्स में देखने को मिल रहा है. खास बात यह है कि यह सुविधा अब मिड-रेंज और यहां तक कि कुछ कम्यूटर मॉडल्स में भी इसे कंपनी ऐड-ऑन या बिल्ट-इन फीचर के तौर पर देने लगी हैं. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

बाइक्स में क्रूज कंट्रोल सिस्टम कैसे काम करता है?

 जिस तरह कारों में क्रूज कंट्रोल काम करता है, लगभग उसी तरह बाइक्स में भी यह फीचर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए चलता है. ये बाइक के राइड-बाय-वायर टेक्नोलॉजी से जुड़ा होता है. आसान शब्दों में समझें तो जब राइडर अपनी पसंद की स्पीड, मान लीजिए 50 या 70 किमी/घंटा तक पहुंच जाता है, तब हैंडलबार पर दिए गए क्रूज कंट्रोल बटन को ऑन किया जा सकता है.

इसके बाद सिर्फ ‘SET’ बटन दबाना होता है, और बाइक उसी स्पीड को लॉक कर लेती है. लॉक की गई स्पीड डिजिटल डिस्प्ले पर भी दिखाई देती है. इससे राइडर को साफ पता चलता है कि बाइक किस स्पीड पर चल रही है.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि एक बार स्पीड सेट हो जाने के बाद राइडर को लगातार एक्सेलरेटर घुमाकर रखने की जरूरत नहीं पड़ती. बाइक खुद ही तय स्पीड बनाए रखती है. इसमें इंजन कंट्रोल यूनिट यानी ECU लगातार काम करता है और जरूरत के हिसाब से पावर एडजस्ट करता रहता है, ताकि सड़क थोड़ी ऊपर-नीचे या हल्की असमान होने पर भी स्पीड लगभग स्थिर बनी रहे. 

क्रूज कंट्रोल आखिर इतना काम का क्यों है?

लंबे हाईवे सफर में यह फीचर राइडर्स के लिए काफी काम का है. लगातार एक्सेलरेटर पकड़े रहने से हाथों और खासकर कलाई में जो थकान महसूस होती है, क्रूज कंट्रोल उसे काफी हद तक कम कर देता है. एक बार स्पीड सेट कर देने के बाद बाइक खुद उसी रफ्तार पर चलती रहती है. इससे आप लंबी दूरी आराम से तय कर सकते हैं.

अगर रास्ते में स्पीड बढ़ानी या घटानी हो, तो इसके लिए अलग से दिए गए कंट्रोल्स का यूज किया जा सकता है, जिन पर आमतौर पर + और – के निशान बने होते हैं. अच्छी बात यह है कि इसके लिए सिस्टम बंद करने की जरूरत नहीं पड़ती. यानी सफर के दौरान आसानी से स्पीड एडजस्ट की जा सकती है.

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By Ankit Anand

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