BH सीरीज नंबर प्लेट क्या है? जानिए कैसे बनवाएं, कौन ले सकता है और इसके फायदे

BH सीरीज नंबर प्लेट खास उन लोगों के लिए है जो अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य ट्रांसफर होते हैं. ये सिर्फ प्राइवेट वाहनों के लिए है और सरकारी, रक्षा, बैंक या बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए एलिजिबल है. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

BH Series Number Plate: BH सीरीज की नंबर प्लेट हमें सड़कों पर जरूर दिख जाती है लेकिन कई लोग जानते ही नहीं कि ये असल में है क्या और किसके लिए है. अगर आप अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य ट्रांसफर होते रहते हैं, तो ये नंबर प्लेट आपके काफी काम आती है. BH का मतलब होता है Bharat Series. इसे सरकार ने 2021 में लॉन्च किया था ताकि लोगों को बार-बार गाड़ी री-रजिस्टर कराने की झंझट से राहत मिल सके. हालांकि, ये सुविधा हर किसी के लिए नहीं होती. सिर्फ कुछ खास लोग ही इसके लिए एलिजिबल होते हैं.

आज हम आपको बताएंगे कि BH सीरीज नंबर प्लेट क्या है, इसे कौन ले सकता है, इसके फायदे क्या हैं, किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है और इसे अप्लाई कैसे करते हैं. साथ ही ये भी ध्यान रखें कि ये खास नंबर प्लेट सिर्फ प्राइवेट वाहनों के लिए होती है, कमर्शियल गाड़ियों के लिए नहीं.

BH सीरीज नंबर प्लेट कौन ले सकता है?

अगर आपकी नौकरी ऐसी है जिसमें आपको बार-बार एक राज्य से दूसरे राज्य जाना पड़ता है, तो BH सीरीज नंबर प्लेट आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. खासतौर पर ये सुविधा सरकारी कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों, बैंक कर्मचारियों और उन बड़ी कंपनियों में काम करने वाले लोगों के लिए है, जिनके ऑफिस 4 या उससे ज्यादा राज्यों में मौजूद हैं. अगर आप भी इनमें आते हैं, तो आप आसानी से BH सीरीज. के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

BH सीरीज नंबर प्लेट के क्या फायदे हैं?

अगर आप अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य शिफ्ट होते रहते हैं, तो कार का रजिस्ट्रेशन बदलवाना काफी झंझट भरा काम होता है. पेपरवर्क, फीस और ऊपर से समय की भी खपत होती है. लेकिन BH सीरीज नंबर प्लेट के साथ ये सारी टेंशन खत्म हो जाती है. इसे पूरे भारत में मान्यता मिली होती है. यानी आपको बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए कैसे करें अप्लाई?

अगर आप BH सीरीज नंबर प्लेट लेना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका है अपने कार डीलर की मदद लें. डीलर खुद ही आपकी पूरी प्रोसेस को आसान बना देता है.

वो आपके लिए Form 20 भरने में मदद करेगा और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ इसे RTO में सबमिट कर देगा. एप्लिकेशन के दौरान डीलर BH सीरीज का ऑप्शन भी सिलेक्ट कर देता है, जिससे आपको अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके बाद RTO आपकी एलिजिबिलिटी चेक करता है और जैसे ही सब कुछ सही पाया जाता है, आपको आपका BH सीरीज नंबर प्लेट जारी कर दिया जाता है.

BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए रोड टैक्स

रोड टैक्स की बात करें तो आमतौर पर आपको 15 साल का टैक्स एक साथ भरना पड़ता है, जो कई लोगों के लिए भारी लग सकता है. लेकिन BH सीरीज में यह सिस्टम थोड़ा अलग और आसान है. यहां आपको पूरा टैक्स एक बार में देने की जरूरत नहीं होती, बल्कि हर 2 साल में थोड़ा-थोड़ा करके भुगतान करना होता है.

एक बात ध्यान रखने वाली है कि 14 साल के बाद यह टैक्स हर साल देना पड़ता है. BH सीरीज में कोई रोड टैक्स छूट (discount) नहीं मिलती, ये भी जानना जरूरी है.

BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं?

इसमें आपका PAN कार्ड, Aadhaar कार्ड, कंपनी का वर्क ID और आपके एम्प्लॉयर द्वारा दिया गया Form 60 (वर्क सर्टिफिकेट) शामिल होता है. अच्छी बात ये है कि ये सभी डॉक्यूमेंट्स आमतौर पर आसानी से उपलब्ध होते हैं, बस इन्हें पहले से तैयार रखेंगे तो आपका पूरा प्रोसेस काफी स्मूद हो जाएगा.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

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