लंदन की सड़कों पर अब Waymo के रोबोटैक्सी खुद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चला रहे हैं. Google की सेल्फ-ड्राइविंग डिवीजन से शुरू हुई यह कंपनी पहले यूके में इंसानी ड्राइवरों के साथ टेस्टिंग कर रही थी, लेकिन अब उसने अगला कदम उठाते हुए वाहनों को पूरी तरह AI कंट्रोल में देना शुरू कर दिया है.
क्या बदल रहा है
Waymo ने बताया कि फिलहाल कुछ गाड़ियों में अभी भी ह्यूमन सेफ्टी ड्राइवर्स मौजूद हैं, लेकिन कई कारें अब पूरी तरह AI से चल रही हैं. कंपनी का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक फुली ऑटोनॉमस पैसेंजर सर्विस शुरू की जाए, बशर्ते सरकार से मंजूरी मिल जाए.
सुरक्षा और भरोसा
कंपनी का दावा है कि उसकी गाड़ियां इंसानी ड्राइवरों की तुलना में 92% कम गंभीर या जानलेवा हादसों में शामिल होती हैं. लेकिन ब्रिटेन में किये गए एक सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 3% लोग ही ड्राइवरलेस टैक्सी पर पूरा भरोसा जताते हैं, जबकि 79% लोग इसे लेकर संदेह में हैं.
कानून और टाइमलाइन
यूके में ड्राइवरलेस टैक्सियों को पूरी तरह हरी झंडी 2027 से मिलेगी, जब Automated Vehicles Act लागू होगा. तब तक कंपनियां टेस्टिंग और परफॉर्मेंस वैलिडेशन पर काम करती रहेंगी.
विवाद और हादसे भी सामने आये
हालांकि Waymo की गाड़ियों को लेकर विवाद भी सामने आये हैं. पिछले साल सैन फ्रांसिस्को में एक पेट कैट KitKat की मौत Waymo की कार से हुई थी, जिससे कम्यूनिटी में नाराजगी बढ़ी. कंपनी ने इस घटना पर खेद जताया और स्थानीय एनिमल राइट्स संगठन को दान दिया.
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