Toyota Hilux का भारतीय मॉडल ग्लोबल वर्जन से कितना अलग? जानिए कौन-कौन से फीचर्स हुए गायब

भारत में लॉन्च हुई नई Toyota Hilux फेसलिफ्ट कई अपडेट्स के साथ आई है, लेकिन इसमें ग्लोबल मॉडल के मुकाबले कई अहम फीचर्स नहीं दिए गए हैं. लेदरेट सीटें, इलेक्ट्रिक सीट एडजस्टमेंट, 48V माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम जैसे फीचर्स भारतीय मॉडल से गायब हैं.

टोयोटा हिलक्स सिर्फ ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के बीच ही नहीं, बल्कि अपनी जबरदस्त मजबूती और परफॉर्मेंस की वजह से भी खास पहचान रखता है. कंपनी ने हाल ही में इसका नया अपडेटेड मॉडल भारत में लॉन्च किया है. लेकिन लॉन्च के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि भारतीय मॉडल में कुछ ऐसे फीचर्स नहीं दिए गए हैं, जो विदेशों में बिकने वाली हिलक्स में मिलते हैं. आइए जानते हैं कि भारतीय टोयोटा हिलक्स में आखिर कौन-कौन से फीचर्स की कमी रह गई है.

लेदरेट सीटें

2026 टोयोटा हिलक्स फेसलिफ्ट में सीटों पर फैब्रिक अपहोल्स्ट्री दी गई है. दिलचस्प बात यह है कि ग्लोबल मॉडल और पहले वाले हिलक्स में लेदरेट सीटें मिलती थीं. हालांकि फैब्रिक सीटों के अपने फायदे भी हैं. ये मौसम के हिसाब से ज्यादा कम्फर्टेबल रहती हैं. सर्दियों में बहुत ज्यादा ठंडी नहीं होतीं और गर्मियों में भी लेदर जैसी तपती नहीं हैं. लेकिन अगर ये सीटें गंदी हो जाएं तो इन्हें साफ करना लेदरेट सीटों के मुकाबले थोड़ा मुश्किल होता है.

इलेक्ट्रिक सीट एडजस्टमेंट

टोयोटा हिलक्स के पुराने मॉडल में आगे की सीटों को इलेक्ट्रिक बटन से एडजस्ट किया जा सकता था. लेकिन नए फेसलिफ्ट मॉडल में कंपनी ने मैनुअल सीट एडजस्टमेंट दिया है. हालांकि, अगर आप हिलक्स का यूज ऑफ-रोडिंग या पानी से भरे रास्तों पर करते हैं, तो यह बदलाव आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है. ऐसे हालात में अगर केबिन के अंदर पानी चला जाए, तो इलेक्ट्रिक सीट एडजस्टमेंट सिस्टम में दिक्कत आने का खतरा रहता है.

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48V माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम

अगर आपने 2026 Toyota Hilux के ग्लोबल मॉडल के बारे में पढ़ा है, तो आपने 48V माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम का नाम जरूर सुना होगा. इसमें 2.8-लीटर डीजल इंजन के साथ 'Neo Drive' टेक्नोलॉजी मिलती है. ये एक्सीलरेशन के समय थोड़ी एक्स्ट्रा मदद करती है और माइलेज भी थोड़ा बेहतर बना देती है. लेकिन भारत में मिलने वाली Hilux में यह टेक्नोलॉजी नहीं दी गई है. यहां सिर्फ वही 2.8-लीटर डीजल इंजन मिलता है.

इलेक्ट्रिक पावर स्टीयरिंग

दुनियाभर के कई बाजारों में नई Toyota Hilux को इलेक्ट्रिक पावर स्टीयरिंग (EPS) के साथ पेश किया गया है. इसकी वजह से शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर इसे मोड़ना और चलाना काफी आसान हो जाता है. हालांकि, भारत में टोयोटा ने अभी भी पुराने हाइड्रोलिक पावर स्टीयरिंग पर ही भरोसा जताया है.

रियर डिस्क ब्रेक

आज के समय में जब ज्यादातर नई गाड़ियों में चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक दिए जा रहे हैं, वहीं भारत में मिलने वाली Toyota Hilux के रियर व्हील्स में अब भी ड्रम ब्रेक मिलता है. दिलचस्प बात यह है कि इसके कई ग्लोबल वेरिएंट्स में पीछे भी डिस्क ब्रेक दिए जा चुके हैं.

ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल

भारत में आने वाली नई टोयोटा हिलक्स फेसलिफ्ट में ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल फीचर नहीं दिया गया है. जबकि ग्लोबल मॉडल में डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल मिलता है. भारत में कस्टमर्स को सिर्फ मैनुअल एसी दिया गया है, जिसे पुराने स्टाइल के रोटरी नॉब्स से ऑपरेट करना होगा.

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By अंकित आनंद

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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