टाटा मोटर्स की सबसे किफायती कार है अल्ट्रोज, क्या है इसमें खास

टाटा मोटरर्स ने अल्ट्रोज का नाम समुद्री पक्षी अल्बाट्रॉस के नाम पर रखा गया है, जो अपनी असामान्य उड़ान क्षमता और सुंदर ग्लाइडिंग गतिविधियों के लिए जानी जाती है. टाटा मोटर्स की ओरसे कार को वर्ष 2020 में लॉन्च किया गया था और यह मॉड्यूलर अल्फा प्लेटफॉर्म पर बनी टाटा की पहली प्रीमियम हैचबैक है.

टाटा मोटर्स लखटकिया नैनो कार से लेकर पंच जैसी महंगी एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स) बनाने के लिए जानी जाती है. वह महंगी से महंगी और सस्ती से सस्ती कारों को बनाने के लिए विश्व विख्यात है. इस कंपनी की कार है अल्ट्रोज. टाटा मोटर्स ने अभी हाल ही में दो नए वेरिएंट लॉन्च किए हैं और इसके सीएनजी वेरिएंट से पर्दा उठाया है. इसमें एक्सएम और एक्सएम(एस) शामिल हैं. नया एक्सएम(एस) वेरिएंट अल्ट्रोज को इलेक्ट्रिक सनरूफ के साथ आने वाली सबसे किफायती प्रीमियम हैचबैक बनाता है. टाटा अल्ट्रोज एक्सएम (एस) की दिल्ली के एक्स-शोरूम कीमत 7.35 लाख रुपये है. नया एक्सएम (एस) टाटा मोटर्स के एक्सएम और एक्सएम प्लस वेरिएंट के बीच का मॉडल है. नया वेरिएंट एक्सएम जैसी ही सुविधाओं के साथ आता है और इसमें एक इलेक्ट्रिक सनरूफ भी जोड़ा गया है. इसकी कीमत एक्सएम ट्रिम से करीब 45,000 रुपये अधिक है.

टाटा अल्ट्रोज

टाटा मोटरर्स ने अल्ट्रोज का नाम समुद्री पक्षी अल्बाट्रॉस के नाम पर रखा गया है, जो अपनी असामान्य उड़ान क्षमता और सुंदर ग्लाइडिंग गतिविधियों के लिए जानी जाती है. टाटा मोटर्स की ओरसे कार को वर्ष 2020 में लॉन्च किया गया था और यह मॉड्यूलर अल्फा प्लेटफॉर्म पर बनी टाटा की पहली प्रीमियम हैचबैक है, जो इसे टाटा की पिछली सभी कारों से हल्का बनाता है और कार की हैंडलिंग में सुधार करता है. अल्ट्रोज के पेट्रोल मॉडल की कीमत 5.7 लाख से 8.6 लाख रुपये के बीच है, जबकि इसके डीजल वेरिएंट की कीमत 7 लाख से लकर 9.46 लाख रुपये के बीच है. हालांकि, भारत के विभिन्न राज्यों में लगने वाले टैक्स की वजह से इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना है.

एक्सटीरियर डिजाइन

  • टाटा अल्ट्रोज कम ओवरहैंग वाली कार दिखाई देती है. इसका फ्रंट ग्रिल और टेलगेट में चमकदार काला रंग वाला है.

  • काली ग्रिल और तेज हेडलाइट की वजह से इसके डिजाइन को आसानी पहचाना जा सकता है.

  • इसमें लो फ्लोर क्लीयरेंस है और दरवाजे 90 डिग्री तक खुलते हैं, जिससे प्रवेश के लिए पीछे का दरवाजा आसानी से खुल जाता है.

  • टॉप एंड एक्सजेड वैरिएंट डुअल टोन रूफ ऑप्शन, अलॉय व्हील और डे-टाइम रनिंग लाइट के साथ आता है.

  • कार की लंबाई 3990 मिमी है और इसका व्हीलबेस 2501 मिमी और ऊंचाई 1523 मिमी है.

  • केबिन कम्फर्ट और इंटीरियर

  • केबिन फैसिलिटी के साथ अंदर में लाइटिंग, रियर एसी वेंट और ऑटो वाइपर के साथ ऑटोमेटिक एटमॉस्फेयर कंट्रोल सिस्टम शामिल है.

  • इसके अलावा अल्ट्रोज में ब्लूटूथ और यूएसबी कनेक्टिविटी के साथ 7 इंच फ्लोटिंग हरमन मल्टीमीडिया टचस्क्रीन और रियर रिवर्स कैमरा लगा है.

  • ड्राइवर की सीट की हाइट एडजस्ट की जा सकती है और पीछे की सीट पर रियर हेडरेस्ट एडजस्टमेंट फैसिलिटी दी गई है. इसकी वजह से इंटीरियर काफी बड़ा दिखाई देता है.

  • स्पीड गियरबॉक्स हल्के गियरशिफ्ट प्रदान करता है.

  • इसमें 350 मिमी बड़े बूट स्पेस दिया गया है.

इंजन और स्पीड

अल्ट्रोज के पेट्रोल और डीजल मॉडल 31 वेरिएंट में उपलब्ध हैं, जो 3 सिलेंडर यूनिट वाला 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ टियागो की तरह 80 एचपी पावर और 115 एनएम का पीक टॉर्क देते हैं. वहीं, 1500 सीसी का डीजल इंजन वाले वेरिएंट्स 4 सिलेंडर यूनिट के साथ 90 एचपी पावर और टर्बो लैग के साथ 200 एनएम का टॉर्क जेनरेट करते हैं. दोनों इंजन बीएस VI मानकों के अनुरूप हैं. अल्ट्रोज में उपलब्ध दो ड्राइव मोड में से इकोनॉमी मोड की तुलना में अच्छे माइलेज के लिए सिटी मोड बेहतर है.

सेफ्टी फीचर्स

टाटा अल्ट्रोज अपने डुअल एयरबैग के साथ भारत की सड़कों की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करती है. कार के आगे डिस्क और पीछे ड्रम लगा है.

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टाटा अल्ट्रोज की कीमत

टाटा अल्ट्रोज की कीमत 5.44 लाख रुपये से शुरू होती है और यह 9.63 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. टाटा अल्ट्रोज 22 वेरिएंट में आती है. टाटा अल्ट्रोज ​​के टॉप वेरिएंट की कीमत 9.56 लाख रुपये है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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