रॉयल एनफील्ड ने जुलाई 2026 में मचाया धमाल, बेच डाली 1,18,232 लाख बाइक्स

रॉयल एनफील्ड ने जुलाई 2026 में बिक्री में नया रिकॉर्ड बनाया है. पिछले साल की तुलना में 34% की वृद्धि दर्ज की गई है. घरेलू बाजार में मजबूत मांग और क्लासिक 350 के अपडेट ने इस उछाल में अहम भूमिका निभाई है.

देश की पॉपुलर टू-व्हीलर ऑटोमोबाइल कंपनी रॉयल एनफील्ड ने जुलाई 2026 में बिक्री के मामले में धमाल मचा दिया है. पिछले साल यानि जुलाई, 2025 की तुलना में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है. बीते महीने कंपनी ने कुल 1,18,232 यूनिट गाड़ियां सेल कर दी है. इसकी बिक्री में दिखी जबरदस्त उछाल के पीछे की असली वजह घरेलू बाजार बताया जा रहा है, जबकि निर्यात में भी इजाफा देखने को मिला है. हालांकि, निर्यात के मामले में रॉयल एनफील्ड की गति स्लो रही है. जुलाई में जहां, घरेलू बिक्री बढ़कर 1,05,317 यूनिट हुई, जो बीते साल में 76,254 रही थी. इसका मतलब है कि डोमेस्टिक मार्केट में ब्रांड की मांग मजबूत हुई है. 

साल 2026 में रॉयल एनफील्ड का बिक्री में जलवा 

पूरे साल, 2026 में रॉयल एनफील्ड ने अब तक धमाल मचाया है. कंपनी की कुल अब तक 4,48,659 गाड़ियां सेल हो चुकी हैं, जो पिछले साल, 2025 की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है. उस साल कंपनी ने 3,53,573 यूनिट गाड़ियों को ग्राहकों तक पहुंचाया था. इसके अलावा अप्रैल-जुलाई टेन्योर में घरेलू सेल 4,06,491 यूनिट हो गई है, लेकिन निर्यात बीते वर्ष के मुकाबले घटी है. 2025-26 में शुरुआती 6 महीनों में कंपनी ने 48,540 यूनिट निर्यात का आंकड़ा छूआ था, जो इस साल 42,168 यूनिट पर अटक गया है. 

फ्लाइंग फ्ली इलेक्ट्रिक का हो रहा विस्तार 

बिक्री से जुड़े अपडेट्स के साथ-साथ रॉयल एनफील्ड ने बताया कि फ्लाइंग फ्ली इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ब्रांड का विस्तार बेंगलुरू में हो रहा है. जयनगर में अपना पहला स्टोर ओपन करने के बाद ब्रांड ने 10 नए बिक्री एंड हेल्प सेंटर जोड़े हैं. कंपनी का यह विस्तार फ्लाइंग फ्ली C6 के प्रति बढ़ते इंट्रेस्ट को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि रॉयल एनफील्ड अपने इलेक्ट्रिक बिजनेस को शहरी कस्टमर्स वाइडर ऑडीएंस के लिए तैयार कर रहा है.

क्लासिक 350 को मिला अपडेट 

रॉयल एनफील्ड ने क्लासिक 350 में कई सारे अपडेट्स लाए हैं, जिसका असर बिक्री पर पड़ा है. इन अपडेट्स में असिस्ट एंड स्लिपर क्लच के साथ-साथ यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट शामिल हैं. ये ऐसे बदलाव हैं जो देखने में भले ही ज्यादा बड़े नहीं हैं, लेकिन रेगुलर कम्यूट में मायने रखते हैं खासकर उन राइडर्स के लिए जो ट्रैफिक या नियमित रूप से में लंबा समय बिताते हैं.

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By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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