पुरानी कार में CNG किट लगवाने से पहले जान लें ये बातें, वरना होगा नुकसान

पुरानी पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने से पहले कंपैटिबिलिटी, ARAI अप्रूव्ड किट, RC अपडेट, वारंटी, इंश्योरेंस और सिलेंडर से जुड़े जरूरी नियम जान लें, वरना बाद में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.

भारत में पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच बड़ी संख्या में कार मालिक अपनी पुरानी पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने पर विचार कर रहे हैं. CNG से ईंधन का खर्च काफी कम हो सकता है, लेकिन अगर किट लगवाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान नहीं रखा गया तो यह फैसला भारी भी पड़ सकता है. गलत किट, गलत इंस्टॉलेशन या नियमों की अनदेखी आपकी कार की सेफ्टी, इंश्योरेंस और वारंटी तीनों को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में CNG किट लगवाने से पहले कुछ अहम बातों को जानना बेहद जरूरी है.

क्या हर पेट्रोल कार में CNG किट लगवाई जा सकती है?

सबसे पहली और सबसे जरूरी बात यह है कि हर पेट्रोल कार CNG किट के लिए उपयुक्त नहीं होती. किसी भी आफ्टरमार्केट CNG किट को लगवाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी कार उस सिस्टम के साथ कंपैटिबल है. यदि वाहन CNG के लिए डिजाइन या अनुमोदित नहीं है, तो जबरन किट लगवाना इंजन और अन्य मैकेनिकल पार्ट्स के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

हमेशा जेनुइन और अप्रूव्ड CNG किट ही चुनें

अगर आप अपनी कार में CNG किट लगवा रहे हैं तो केवल ARAI और RTO अप्रूव्ड किट का ही इस्तेमाल करें. साथ ही अधिकृत इंस्टॉलेशन सेंटर से ही फिटिंग करवाएं. सस्ती या लोकल किट शुरुआत में पैसे बचा सकती है, लेकिन बाद में गैस लीक, इंजन की दिक्कत और इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.

RC अपडेट कराना न भूलें

आफ्टरमार्केट CNG किट लगवाने के बाद केवल इंस्टॉलेशन ही पर्याप्त नहीं होता. वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में भी CNG का विवरण अपडेट कराना जरूरी है. इसके लिए संबंधित RTO से मंजूरी लेनी होती है. बिना RC अपडेट कराए वाहन चलाना भविष्य में कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है.

पुराने सिलेंडर और घटिया फिटिंग से बचें

कुछ गैर-अधिकृत डीलर लागत कम दिखाने के लिए पुराने या इस्तेमाल किए गए CNG सिलेंडर लगाने की सलाह देते हैं. ऐसा करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जोखिम भरा हो सकता है. हमेशा नया, प्रमाणित और टेस्टेड सिलेंडर ही लगवाएं. साथ ही पाइपिंग, वाल्व और फिटिंग की क्वाॅलिटी भी जांच लें ताकि भविष्य में गैस लीक जैसी घटनाओं से बचा जा सके.

वारंटी और इंश्योरेंस पर भी पड़ सकता है असर

अगर आपकी कार अभी कंपनी की वारंटी में है तो आफ्टरमार्केट CNG किट लगवाने से पहले निर्माता की शर्तें जरूर पढ़ें. कई मामलों में ऐसी मॉडिफिकेशन से इंजन या संबंधित पार्ट्स की वारंटी प्रभावित हो सकती है. वहीं, गैर-अनुमोदित किट का इस्तेमाल होने पर इंश्योरेंस क्लेम भी खारिज किया जा सकता है. इसलिए CNG में निवेश करने से पहले सभी नियम और शर्तों की जानकारी लेना समझदारी होगी.

CNG किट सही तरीके से और अधिकृत सिस्टम के साथ लगवाई जाए तो यह ईंधन खर्च कम करने का अच्छा विकल्प बन सकती है. लेकिन जल्दबाजी या सस्ती फिटिंग के चक्कर में लिया गया फैसला आपकी कार और आपकी सुरक्षा दोनों पर भारी पड़ सकता है. इसलिए हमेशा प्रमाणित किट, अधिकृत इंस्टॉलेशन और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें.

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