बारिश में इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाना कितना सेफ? जानिए सच और जरूरी टिप्स

Electric Scooter: बारिश में इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाते समय समझदारी बहुत जरूरी है. बैटरी आमतौर पर सेफ रहती है, असली खतरा फिसलन और कंट्रोल खोने का होता है. सही रूट चुनना, स्पीड कम रखना और प्रोटेक्टिव गियर इस्तेमाल करना आपको बारिश में भी सेफ राइडिंग का कॉन्फिडेंस देता है.

अगर आपने हाल ही में इलेक्ट्रिक स्कूटर लिया है या लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके मन में एक सवाल जरूर आया होगा कि क्या इसे बारिश में चलाना सेफ है? दरअसल, ये सवाल बिल्कुल नॉर्मल है. लोगों के मन में कई तरह के डर और कन्फ्यूजन होते हैं. कहीं पानी से बैटरी खराब न हो जाए, कहीं शॉक न लगे, या स्कूटर बंद न पड़ जाए. कुछ बातें सच होती हैं, तो कुछ सिर्फ मिथक (myths) भी होते हैं. तो आइए समझते हैं कि बारिश या पानी का इलेक्ट्रिक स्कूटर पर असल में क्या असर पड़ता है और किन बातों को लेकर आपको चिंता करना और किन्हें बेझिझक नजरअंदाज करना चाहिए.

इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी पर पानी का कितना असर पड़ता है?

बारिश में इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाना थोड़ा रिस्की लग सकता है, और ये चिंता भी जायज है. सबसे बड़ा सवाल होता है कि बैटरी पर पानी का क्या असर पड़ेगा? कहीं शॉर्ट सर्किट तो नहीं हो जाएगा? सच ये है कि अगर बैटरी और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स पर सीधे ज्यादा पानी पड़े, तो दिक्कत हो सकती है. लेकिन अच्छी बात ये है कि सभी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में एक लेवल की वॉटर रेजिस्टेंस (water resistance) होती है.

भारत में मिलने वाले ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बैटरी IP67 rating के साथ आती है. इसका मतलब है कि ये बैटरियां कुछ हद तक पानी से सेफ होती हैं. यहां तक कि अगर 30 मिनट तक पानी में डूबी रहें, तब भी ये सामान्य रूप से काम कर सकती हैं.

बारिश में छोटे टायर बनते हैं खतरे की वजह

गीली सड़कों पर टायर की पकड़ कम हो जाती है. इससे फिसलने का खतरा बढ़ जाता है. नॉर्मल बाइक्स के कंपैरिजन में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में टायर छोटे होते हैं. वहां बैलेंस बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. ऐसे में मोड़ लेते समय या अचानक ब्रेक लगाते समय कंट्रोल खोने का डर ज्यादा रहता है.

वॉटरप्रूफ कवर्स या प्रोटेक्टिव गियर का इस्तेमाल करें

अगर आप उन लोगों में से हैं जो अक्सर बारिश में राइड करते हैं, तो आप वॉटरप्रूफ कवर्स या प्रोटेक्टिव गियर में निवेश कर सकते हैं. ये आपको और आपकी बाइक दोनों को सेफ रखते हैं. साथ ही, निकलने से पहले अपना रूट भी सोच-समझकर चुनें, ताकि पानी भरे रास्तों या बड़े गड्ढों से बचा जा सके. और सबसे जरूरी बात कि बारिश में स्पीड कम ही रखें. धीरे चलाने से बाइक पर कंट्रोल बेहतर रहता है और फिसलने का खतरा भी कम हो जाता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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