हुंडई एक्सटर मचा रही धमाल, वेटिंग पीरियड 12 हफ्ते के पार, जानें क्यों?

एक्सटर की बुकिंग के बारे में बात करते हुए हुंडई के सीओओ तरुण गर्ग ने बताया कि लॉन्च के बाद से रोजाना 1,800 यूनिट की दर से बुकिंग की जा रही है. एक्सटर मैनुअल के लिए बुकिंग की अधिक संख्या के बावजूद एएमटी-सुसज्जित मॉडल की वेटिंग पीरियड सबसे अधिक है.

Hyundai Exter Period : भारत में सबकॉम्पैक्ट एसयूवी हुंडई एक्सटर भारत में 10 जुलाई 2023 को ही लॉन्च कर दी गई है. हालांकि, इसकी बुकिंग मई में ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन लॉन्चिंग के साथ ही इसकी वेटिंग पीरियड भी बढ़ा दी गई है. बताया जा रहा है कि हुंडई एक्सटर एएमटी पर वेटिंग पीरियड सबसे अधिक है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मैनुअल और एएमटी मॉडल में बुकिंग अधिक है. हालांकि, भारत के एक्स-शोरूम में 6 लाख रुपये की कीमत पर हुंडई एक्सटर को लॉन्च कर दिया गया, लेकिन लॉन्चिंग से पहले इसकी बुकिंग शुरू होने के बाद यह अब तक 16,000 से अधिक यूनिट बुक की जा चुकी है. अभी हाल ही में मीडिया से बातचीत करते हुए हुंडई के सीओओ (मुख्य ऑपरेशन अधिकारी) तरुण गर्ग ने कहा कि हुंडई एक्सटर की मई में ही बुकिंग शुरू कर दी गई थी. इसके शुरू होने के बाद से अब तक करीब 16,000 यूनिट की बुकिंग हो चुकी है.

हुंडई एक्सटर बुकिंग और वेटिंग पीरियड

एक्सटर की बुकिंग के बारे में बात करते हुए हुंडई के सीओओ तरुण गर्ग ने बताया कि लॉन्च के बाद से रोजाना 1,800 यूनिट की दर से बुकिंग की जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि एएमटी मॉडल के लिए करीब 38 प्रतिशत, सीएनजी मॉडल के लिए 22 प्रतिशत और पेट्रोल मैनुअल मॉडल के लिए 40 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है. इसका मतलब यह है कि ऑटोमेटेड और मैन्युअल मॉडलों की बुकिंग लगभग समान रूप से की जा रही है.

वेटिंग पीरियड 12 हफ्ते बढ़ी

उन्होंने कहा कि कंपनी के डीलरों की सहमति के बाद वेरिउंट के आधार पर एक्सटर की वेटिंग पीरियड को बढ़ाकर 12 सप्ताह की गई है. इसके साथ ही, एक्सटर मैनुअल और सीएनजी वेरिएंट की वेटिंग पीरियड छह से आठ सप्ताह है. वहीं, ऑटोमेटेड मॉडलों की वेटिंग पीरियड 10 से 12 सप्ताह के बीच तय की गई है. इसलिए, एक्सटर मैनुअल के लिए बुकिंग की अधिक संख्या के बावजूद एएमटी-सुसज्जित मॉडल की वेटिंग पीरियड सबसे अधिक है.

टाटा पंच, सिट्रोएन सी3 और मारुति-सुजुकी इग्निस से टक्कर

सबसे बड़ी बात यह है कि भारत में हुंडई एक्सटर का टाटा की पंच, सिट्रोएन सी3 और मारुति-सुजुकी की इग्निस से कड़ा मुकाबला है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्चिंग से पहले मई में जब हुंडई एक्सटर की भारत में बुकिंग शुरू की गई थी, तब से लेकर अब तक टाटा की पंच की 22,000 से अधिक यूनिट बिक चुकी हैं. हालांकि, हुंडई एक्सटर की दो अन्य प्रतिद्वंद्वी सिट्रोएन सी3 और मारुति-सुजुकी की करीब 1500 और 8,900 यूनिट्स की बिक्री की गई है. वहीं, इस अवधि में हुंडई एक्सटर की करीब 16,000 यूनिट्स की बुकिंग की गई है. इस लिहाज से देखें, तो हुंडई एक्सटर की मुख्य रूप से टाटा पंच से सीधा मुकाबला है.

बिक्री में बढ़ोतरी उम्मीद

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हुंडई एक्सटर का बेस्टसेलर टाटा पंच से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है, जो कई सेगमेंट-फर्स्ट फीचर्स से लैस है. सीएनजी पावरट्रेन ऑप्शन के अलावा, इसमें वॉयस-सक्षम सनरूफ, डैशकैम, छह एयरबैग और साथ ही ईएससी पूरी रेंज में मानक के रूप में मिलते हैं. हुंडई के सीओओ तरुण गर्ग को उम्मीद है कि सबकॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट की मासिक बिक्री 10,000-11,000 यूनिट से दोगुनी हो जाएगी. उन्होंने कहा कि हालांकि वह यह नहीं कह सकते कि एक्सटर कितनी मासिक यूनिट बिक्री का प्रबंधन करेगा, लेकिन हम स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि यह हुंडई के लिए वॉल्यूम मंथन करने वाला है. वह इसका श्रेय पिछले तीन से चार साल में उपभोक्ता मांग में हैच से एसयूवी की ओर बदलाव को देते हैं.

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वेरिएंट और कलर ऑप्शन

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हुंडई एक्सटर छह वेरिएंट में उपलब्ध है, जिसमें EX, EX(O), S, SX, SX(O), और SX(O) कनेक्ट वेरिएंट शामिल हैं. ग्राहक हुंडई एक्सटर को कुल 9 कलर ऑप्शन के साथ खरीद सकते हैं, जिसमें एटलस व्हाइट, कॉस्मिक ब्लू, फायरी रेड, रेंजर खाकी, स्टारी नाइट, टाइटन ग्रे, एटलस ब्लैक विद एबिस ब्लैक, कॉस्मिक ब्लू विद एबिस ब्लैक और रेंजर खाकी विद एबिस ब्लैक कलर शामिल हैं.

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By Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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