Hero HF Deluxe में लगा दिया ट्रेन वाला हॉर्न, पुलिस ने पकड़कर किया टेस्ट, देखें वीडियो

Hero HF Deluxe पर लगाया गया ट्रेन-जैसा हॉर्न सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. वीडियो में पुलिस खुद इस अनोखे हॉर्न को चेक करती दिख रही है. वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स इसे खतरनाक और नियमों के खिलाफ बता रहे हैं.

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब बाइक मॉडिफिकेशन तेजी से वायरल हो रहा है. एक युवक ने अपनी Hero HF Deluxe में ऐसा हॉर्न लगवा लिया, जिसकी आवाज बिल्कुल रेलवे इंजन जैसी सुनाई देती है. वीडियो में जैसे ही बाइक का हॉर्न बजता है, ऐसा लगता है मानो कोई ट्रेन स्टेशन पर एंट्री लेने वाली हो. आइए देखते हैं इस वीडियो को.

वायरल वीडियो पर भड़के लोग

वायरल क्लिप में पुलिसकर्मी युवक को पकड़ने के बाद खुद भी उस हॉर्न को टेस्ट करते नजर आते हैं. यही वजह है कि वीडियो इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच रहा है. हालांकि, इस हरकत को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हो रही है. कई लोगों का कहना है कि इस तरह के बेहद तेज और ट्रेन जैसे हॉर्न सड़क पर चल रहे ड्राइवर्स को अचानक डरा सकते हैं, उनका ध्यान भटका सकते हैं और भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक में हादसों का खतरा बढ़ा सकते हैं.

कुछ यूजर्स ने यह सवाल भी उठाया कि जब ट्रैफिक नियमों में प्रेशर हॉर्न और ट्रेन जैसी आवाज वाले हॉर्न पर बैन है, तो फिर ऐसे मॉडिफिकेशन आखिर बाजार में आसानी से कैसे मिल रहे हैं.

देखें वीडियो

तेज हॉर्न को लेकर क्या कहता है कानून?

भारत में प्राइवेट गाड़ियां में प्रेशर हॉर्न, ट्रेन हॉर्न और मल्टी-टोन हॉर्न का इस्तेमाल पूरी तरह बैन है. Central Motor Vehicles Rules (CMVR) और Motor Vehicles (Driving) Regulations, 2017 के तहत ऐसे हॉर्न गैरकानूनी माने जाते हैं. CMVR के Rule 119 में साफ कहा गया है कि कोई भी वाहन ऐसा हॉर्न इस्तेमाल नहीं कर सकता जिसकी आवाज बेहद तेज, कर्कश या डर पैदा करने वाली हो. सिर्फ एम्बुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड जैसे इमरजेंसी गाड़ियों को ही इसकी अनुमति होती है.

इसी वजह से ट्रेन हॉर्न और एयर प्रेशर हॉर्न पर खास तौर पर रोक लगाई गई है, क्योंकि ये न सिर्फ भारी शोर पैदा करते हैं बल्कि सड़क पर अफरा-तफरी जैसी सिचुएशन भी बना सकते हैं. बढ़ती शिकायतों को देखते हुए देशभर में पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने पिछले कुछ सालों में ऐसे मॉडिफाइड हॉर्न और तेज आवाज वाले एग्जॉस्ट्स के खिलाफ सख्त अभियान भी तेज कर दिया है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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