पुरानी इलेक्ट्रिक कार (EV) की खरीद-बिक्री (AI Generated)

सेकेंड हैंड इलेक्ट्रिक कार लेने जा रहे हैं? पेमेंट करने से पहले ये 4 चीजें चेक करना न भूलें

Electric Car: सेकंड हैंड इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले हमें कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अगर जल्दबाजी में फैसला ले लिया गया तो आगे चलकर खुद का ही नुकसान होगा. इसलिए सही जांच-पड़ताल और समझदारी से कदम उठाना बेहद जरूरी है.

Electric Car: अगर आप इलेक्ट्रिक कार (EV) लेने का मन बना रहे हैं, लेकिन नई EV की कीमत आपको थोड़ा रोक रही है, तो सेकंड-हैंड मार्केट एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. EV का चलन बढ़ने के साथ अब इस्तेमाल की हुई इलेक्ट्रिक कारें भी आसानी से मिल रही हैं. हालांकि पहली बार खरीदने वालों के मन में थोड़ा शक होना बिल्कुल लाजमी है. इसी वजह से आज हम आपको ऐसी 5 जरूरी बातें बताने जा रहे हैं, जिन्हें पुरानी इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले जरूर ध्यान में रखना चाहिए. आइए फिर जानते हैं इन्हें.

बैटरी की हालत और लाइफ जरूर चेक करें

इलेक्ट्रिक गाड़ी में सबसे जरूरी हिस्सा बैटरी होता है. इसलिए खरीदने से पहले उसकी हालत समझना बहुत जरूरी है. EV बेचने वाले से ऑफिशियल सर्विस सेंटर की बैटरी जांच रिपोर्ट जरूर मांग लें. इससे पता चल जाएगा कि बैटरी अभी कितनी ठीक है, उसकी कैपेसिटी कैसी है और पहले कोई दिक्कत तो नहीं आई. बैटरी की सही जानकारी होने से आगे चलकर आपको महंगे रिप्लेसमेंट का झंझट नहीं रहेगा. वैसे आम तौर पर EV की बैटरियां काफी मजबूत होती हैं और 1-2 साल के इस्तेमाल में इनमें ज्यादा गिरावट नहीं आती.

आसपास चार्जिंग की सुविधा ध्यान में रखें

अगर आप पहली बार EV खरीदने जा रहे हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपके आसपास चार्जिंग की सुविधा कैसी है. आज के समय में बड़े शहरों में चार्जिंग स्टेशन काफी हद तक मौजूद हैं, लेकिन फिर भी अपने इलाके में चार्जिंग पॉइंट्स, घर पर चार्जर लगवाने का खर्च और पब्लिक फास्ट चार्जिंग के ऑप्शन जरूर चेक कर लेने चाहिए.

गाड़ी की सर्विस हिस्ट्री और हालत जरूर चेक कर लें

जिस तरह किसी भी सेकंड हैंड गाड़ी को लेने से पहले उसकी जांच की जाती है, वैसे ही इस्तेमाल की हुई इलेक्ट्रिक कार की सर्विस हिस्ट्री देखना बहुत जरूरी है. बेचने वाले से गाड़ी के सर्विस रिकॉर्ड आप जरूर मांगें और देखें कि कार की देखभाल कंपनी के बताए नियमों के मुताबिक हुई है या नहीं. जो गाड़ी ठीक से मेंटेन की गई होती है, वो आगे चलकर बेहतर परफॉर्मेंस देती है.

EV रखने का खर्च सही से समझें

इलेक्ट्रिक कार चलाने का खर्च पेट्रोल या डीजल कार के मुकाबले काफी कम होता है. अगर आप सेकेंड-हैंड कार देखने जा रहे हैं, तो EV और फ्यूल वाली कार के लंबे समय के खर्च की तुलना जरूर कर लें. जब आंकड़े साफ समझ में होते हैं, तो फैसला लेना आसान हो जाता है और बाद में पछतावा भी नहीं होता.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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