तेज धूप में खराब हो सकता है कार का डैशबोर्ड, बचाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

Car Dashboard: भारत की तेज गर्मी में कार का डैशबोर्ड जल्दी खराब हो सकता है. इससे बचाने के लिए सनशेड, UV प्रोटेक्शन फिल्म और डैश मैट या कवर जैसे आसान और कारगर उपाय अपनाए जा सकते हैं. ये छोटे-छोटे तरीके डैशबोर्ड को लंबे समय तक नया और सेफ बनाए रखते हैं.

भारत में गर्मी ने दस्तक दे दी है. ऐसे में अगर आप अपनी कार को कुछ घंटों के लिए धूप में खड़ा छोड़ दें, तो अंदर का केबिन भट्टी जैसा गर्म हो जाता है. इस तेज गर्मी का सबसे ज्यादा असर डैशबोर्ड पर पड़ता है, क्योंकि यह सीधे विंडशील्ड के नीचे होता है. समय के साथ यही गर्मी और धूप डैशबोर्ड का रंग फीका कर सकती है, उसकी टेक्सचर खराब कर सकती है और कई बार उस पर दरारें भी पड़ने लगती हैं. 

इससे कार का इंटीरियर तो खराब दिखता ही है, साथ ही कार की रीसेल वैल्यू पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में जरूरी है कि आप कुछ आसान टिप्स अपनाएं, ताकि भीषण गर्मी में भी आपकी कार का डैशबोर्ड सेफ और बढ़िया हालत में बना रहे.

विंडशील्ड सनशेड का यूज करें

कार के अंदर गर्मी कम रखने का यह सबसे आसान तरीकों में से एक है. बस कार पार्क करते समय विंडशील्ड के अंदर एक रिफ्लेक्टिव सनशेड लगा दें. इससे सीधी धूप केबिन के अंदर आने से काफी हद तक रुक जाती है. इतना ही नहीं, यह कांच से आने वाली गर्मी का बड़ा हिस्सा वापस बाहर ही रिफ्लेक्ट कर देता है. इसका फायदा यह होता है कि डैशबोर्ड लगातार तेज धूप के कॉन्टैक्ट में नहीं आता और कार का इंटीरियर भी ज्यादा गर्म नहीं होता.

विंडो टिंट या UV प्रोटेक्शन फिल्म लगवाएं

विंडो टिंट या UV प्रोटेक्शन फिल्म सूरज की तेज किरणों को काफी हद तक रोक देती हैं. साथ ही ये डैशबोर्ड, स्टीयरिंग व्हील और सीट्स को भी धूप से होने वाले नुकसान से बचाती हैं. इससे लंबे समय तक इनका रंग और टेक्सचर सही बना रहता है. हालांकि, फिल्म लगवाते समय एक बात का ध्यान जरूर रखें कि यह स्थानीय RTO के नियमों के अनुसार होनी चाहिए. भारत में बहुत ज्यादा डार्क टिंटेड फिल्म लगाना नियमों के खिलाफ है.

डैशबोर्ड कवर या डैश मैट का इस्तेमाल करें

कार को धूप से बचाने के लिए डैशबोर्ड पर डैश मैट या कवर लगाना एक आसान और कारगर तरीका है. यह डैशबोर्ड और तेज धूप के बीच एक एक्स्ट्रा लेयर की तरह काम करता है. इससे गर्मी कम सीधे पड़ती है और डैशबोर्ड खराब होने से बचा रहता है.

डैशबोर्ड पर प्रोटेक्टेंट जरूर लगाएं

जैसे हमारी स्किन को धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन काम आता है, वैसे ही आपकी कार के डैशबोर्ड के लिए इंटीरियर प्रोटेक्टेंट स्प्रे काम करता है. इसे लगाने से डैशबोर्ड पर एक पतली-सी प्रोटेक्शन लेयर बन जाती है, जो उसे तेज UV किरणों से बचाती है. इसके इस्तेमाल से डैशबोर्ड साफ-सुथरा और हल्का-सा चमकदार भी दिखता है. सबसे बड़ी बात, यह मटेरियल को सूखने और जल्दी खराब होने से बचाता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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