₹30000 डाउन पेमेंट पर Bajaj GoGo इलेक्ट्रिक सवारी ऑटो लाएं घर, जानें कितनी देनी पड़ेगी EMI

बजाज की GoGo इलेक्ट्रिक ऑटो ₹30 हजार के डाउन पेमेंट पर उपलब्ध है. ऑटो चालकों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. इसके EMI प्लान, फीचर्स और 250 किलोमीटर की रेंज के बारे में जानें.

इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट में अब कई कंपनियां सवारी ऑटो को भी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में लगातार लॉन्च कर रही हैं. इस सूची में मोस्ट पॉपुलर कंपनी बजाज का नाम भी शामिल है, जिसकी GoGo इलेक्ट्रिक ऑटो सड़कों पर चल रही है. यदि आप भी एक ऑटो चालक हैं और आपको डेली सवारी ढोने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ी चाहिए, तो Bajaj GoGo आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन बन सकती है. इस इलेक्ट्रिक ऑटो को सिर्फ 30 हजार डाउन पेमेंट देकर भी घर ला सकते हैं. चलिए इसका प्लान और मंथली EMI के बारे में हम जानकारी देते हैं. इसके अलावा इस गाड़ी की खासियत भी बताएंगे. 

Bajaj GoGo की कीमत कितनी है?

कोई भी गाड़ी लेने से पहले उसकी कीमत के बारे में अच्छी तरह से जान लेना जरूरी होता है, ताकि आप अपने हिसाब से बजट बना सकें. बजाज कंपनी की गोगो (Bajaj GoGo P7012) इलेक्ट्रिक ऑटो की स्टार्टिंग एक्स शोरूम प्राइस (दिल्ली) 3.83 रुपए है. वहीं, RTO और इंश्योरेंस के बाद इसकी कीमत बढ़ जाएगी. बतौर ऑटो चालक एक बार में इतना अमाउंट देना ईजी नहीं है. ऐसे में आप इसे डाउन पेमेंट देकर लोन के रूप में खरीद सकते हैं. पहली बार में 30 हजार फाइनेंस बैंक को देने के बाद आपको फिर तय ब्याज दर के हिसाब से EMI देनी होगी. 

30 हजार डाउन पेमेंट के बाद कितनी EMI बनेगी?

ट्रकदेखो के अनुसार, Bajaj GoGo P7012 12.1 kWh/Electric ऑटो की एक्स शोरूम कीमत (दिल्ली) 3,83,004 लाख रुपए है और आप 30,000 डाउन पेमेंट कर रहे हैं. उसके बाद बाकी बचे रकम 3,53,004 को लोन के रूप में लेना पड़ेगा. यदि फाइनेंशियल बैंक यह लोन 8 प्रतिशत ब्याज दर पर 60 महीने (5 साल) अवधि के लिए ऑफर करती है, तो आपको हरेक मंथ EMI 7,158 रुपए बनेगी. वहीं, 72 महीने के लिए लेते हैं, तो इएमआई घटकर 6,189 और 84 माह यानि 7 साल का प्लान लेने पर 5,502 रुपए देने होंगे. आप अपने बजट और कमाई के हिसाब से प्लान का चयन कर सकते हैं. 

Bajaj GoGo की खासियत क्या है?

बजाज गोगो के परफॉर्मेंस पर नजर डालें, तो इसका P7012 वेरिएंट 50 kmph टॉप स्पीड, 4 ड्राइव मोड (इको, पावर, पार्क और क्लाइंब असिस्ट) और सर्टिफाइड रेंज 250 किलोमीटर है. इसमें 12.1 kWh का बैटरी लगा है, जो 40 nm टॉर्क जेनरेट करता है. ऑन बोर्ड चार्ज सपोर्ट है और 4 घंटे 30 मिनट में फुल चार्ज करता है. सेफ्टी के तौर पर फ्रंट और रियर दोनों में ड्रम ब्रेक, रिजेनरेटिव ब्रेकिंग, रेडियल ट्यूबलेस टायर और LED लाइटिंग (फ्रंट एंड रियर) मिलेंगे. 

Bajaj GoGo में क्या फीचर्स मिलेंगे?

फीचर्स की बात करें, तो इसमें आपको प्रीमियम ड्यूअल टोन अपहोल्स्ट्री सीट, डिजिटल डिस्प्ले LCD क्लस्टर, ग्लब बॉक्स, केबिन लाइट, यूएसबी टायप ए मोबाईल चार्जर, एडवांस PSM मोटर और 2-स्पीड AMT बेहतर ड्राइविंग एक्सपिरियंस के लिए दिया गया है.

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लेखक के बारे में

Published by: Shivansh Shekhar

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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