बाइक के इन 5 हिस्सों पर प्रेशर जेट का इस्तेमाल करना पड़ सकता है महंगा, अभी जान लें

Bike Washing Tips: बाइक धोते समय हाई-प्रेशर जेट का गलत इस्तेमाल कई जरूरी पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे चेन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, बेयरिंग, एग्जॉस्ट और डैशबोर्ड पर असर पड़ सकता है. जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है. शॉर्ट सर्किट जैसी समस्या भी हो सकती है.

Bike Washing Tips: बाइक धोते समय हर हिस्से पर पानी मार देना नॉर्मल बात लग सकती है, लेकिन हाई-प्रेशर जेट का यूज कुछ हिस्सों के लिए भारी पड़ सकता है. कई लोग घर पर या बाइक वॉशिंग सेंटर पर सफाई करते वक्त बिना सोचे-समझे तेज प्रेशर वाला पानी सीधे ऐसे पार्ट्स पर डाल देते हैं जो खराब हो सकती है. ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे बाइक की परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है, इलेक्ट्रिकल फॉल्ट आ सकते हैं और कई पार्ट्स की लाइफ भी कम हो जाती है. इसलिए आइए जानते हैं कि किन हिस्सों पर कभी भी प्रेशर जेट से पानी नहीं डालना चाहिए.

चेन 

कई लोग बाइक धोते समय प्रेशर जेट से चेन पर सीधे पानी मार देते हैं. तेज प्रेशर वाला पानी चेन के अंदर तक घुसकर धूल-मिट्टी तो निकाल देता है, लेकिन साथ ही जरूरी लुब्रिकेंट भी हटा देता है. इसके बाद चेन में जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसा होने पर बाइक की चेन से आवाज आने लग सकती है, घिसावट तेजी से बढ़ सकती है और माइलेज पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह है कि चेन को साफ करने के लिए ब्रश का इस्तेमाल करें और बाइक धोने के बाद उस पर सही चेन ल्यूब जरूर लगाएं.

इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स

बाइक धोते समय कई लोग प्रेशर वॉशर का पानी सीधे वायरिंग, सेंसर, बैटरी या फ्यूज बॉक्स के आसपास मार देते हैं. देखने में भले लगे कि इससे जल्दी सफाई हो जाएगी, लेकिन यही आदत बाद में बड़ी परेशानी बन सकती है. तेज पानी कनेक्टर्स के अंदर घुसकर शॉर्ट सर्किट या सेंसर खराब होने जैसी दिक्कत पैदा कर सकता है. आजकल की मॉडर्न बाइक्स में पहले के मुकाबले काफी ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स होते हैं. इसलिए सफाई करते समय इन हिस्सों के पास प्रेशर जेट यूज करने से बचना चाहिए.

व्हील बेयरिंग

बाइक की व्हील बेयरिंग भले ही सील्ड होती हैं, लेकिन तेज प्रेशर वाले पानी के जेट लंबे समय तक यूज  करने पर अंदर तक पानी पहुंचा सकते हैं. एक बार अगर नमी बेयरिंग के अंदर चली जाए, तो धीरे-धीरे अजीब आवाजें आने लगती हैं. पहियों की मूवमेंट पर भी असर पड़ सकता है.

एग्जॉस्ट के अंदर

अगर बाइक धोते समय आप हाई-प्रेशर पानी सीधे एग्जॉस्ट के अंदर मारते हैं, तो पानी साइलेंसर के अंदर तक पहुंच सकता है. इससे अंदर नमी फंसने का खतरा बढ़ जाता है, जो समय के साथ जंग लगने की वजह बन सकती है. इतना ही नहीं, इससे एग्जॉस्ट की आवाज पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए बेहतर है कि एग्जॉस्ट के आसपास की सफाई कपड़े से हल्के हाथ से करें.

डैशबोर्ड 

आजकल बाइक्स और स्कूटर्स में मिलने वाले डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और स्विचेज जितने एडवांस होते हैं, उतने ही ही नाजुक भी होते हैं. अगर आप इन्हें तेज पानी की धार से सीधे धोते हैं, तो बटन खराब होने, डिस्प्ले में धुंध जमने या टच कंट्रोल्स के काम न करने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह है कि डैशबोर्ड वाले हिस्से को प्रेशर वॉश से बचाएं और वहां सफाई के लिए नरम कपड़े का यूज करें.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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