बारिश में बीच रास्ते में बंद हो सकती है आपकी बाइक, मानसून से पहले जरूर कर लें ये 5 काम

Bike Care Tips for Monsoon: बारिश का मौसम बाइक के ब्रेक, चेन, टायर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर बुरा असर डाल सकता है. ऐसे में रेगुलर मेंटेनेंस बेहद जरूरी हो जाता है. ब्रेक की जांच, चेन लुब्रिकेशन, टायर प्रेशर, इलेक्ट्रिकल सुरक्षा और एंटी-रस्ट प्रोटेक्शन जैसे आसान उपाय अपनाकर आप मानसून में अपनी बाइक को सुरक्षित, स्मूद और ब्रेकडाउन-फ्री रख सकते हैं.

मानसून में बाइक चलाने का मजा तो अलग ही होता है, लेकिन एक छोटी-सी लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. लगातार बारिश, पानी से भरी सड़कें, कीचड़ और बढ़ी हुई नमी बाइक के ब्रेक, चेन, टायर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर बुरा असर डाल सकते हैं. अगर समय रहते इन हिस्सों की सही देखभाल न की जाए, तो बाइक की परफॉर्मेंस प्रभावित होने के साथ-साथ बीच रास्ते में खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी बाइक पूरे बारिश के मौसम में बिना किसी परेशानी के दौड़ती रहे, तो कुछ जरूरी मेंटेनेंस टिप्स को फॉलो करना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं बारिश के मौसम में बाइक की देखभाल से जुड़े 5 अहम टिप्स.

ब्रेक और ब्रेक फ्लूइड की जांच जरूर करें

बारिश के मौसम में लगातार पानी के संपर्क में रहने से ब्रेक पैड्स की ग्रिप कमजोर हो सकती है. वहीं, ब्रेक फ्लूइड में नमी आने से ब्रेकिंग परफॉर्मेंस भी प्रभावित होती है. इसलिए मानसून शुरू होने से पहले ब्रेक पैड्स की कंडीशन चेक कर लें और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदलवा लें. अगर बाइक पानी भरे रास्ते से गुजरी है, तो कुछ दूरी तक धीरे-धीरे ब्रेक लगाकर उन्हें सामान्य स्थिति में आने का समय दें. गीली सड़क पर अचानक जोर से ब्रेक लगाने से बचें और जरूरत पड़ने पर इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल करें.

चेन को रखें साफ और जंग से बचाएं

बाइक की चेन बारिश में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले हिस्सों में से एक है. पानी और कीचड़ की वजह से चेन पर लगा लुब्रिकेंट जल्दी हट जाता है, जिससे जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है. बारिश में बाइक चलाने के बाद चेन को मुलायम ब्रश से साफ करें और वाटरप्रूफ या वेट-वेदर चेन लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें. साथ ही समय-समय पर चेन की टाइटनेस और स्प्रोकेट की कंडीशन भी जांचते रहें. खराब या ज्यादा ढीली चेन चलते समय समस्या पैदा कर सकती है.

इलेक्ट्रिकल सिस्टम को नमी से बचाएं

मानसून में अचानक होने वाली इलेक्ट्रिकल खराबियां राइडर्स के लिए बड़ी परेशानी बन सकती हैं. इसलिए बाइक के इलेक्ट्रिकल सिस्टम की समय-समय पर चेक करना जरूरी है. बैटरी टर्मिनल्स और खुले इलेक्ट्रिकल कनेक्टर्स पर डाइलेक्ट्रिक ग्रीस लगाएं, ताकि उनमें नमी न पहुंचे. सीट के नीचे मौजूद वायरिंग को सूखा और सुरक्षित रखें. इसके अलावा हेडलाइट, टेललाइट और हॉर्न की भी जांच कर लें, ताकि बारिश में किसी तरह की दिक्कत न हो.

टायर की ग्रिप और एयर प्रेशर पर रखें नजर

गीली सड़कों पर सुरक्षित राइडिंग के लिए टायरों की अच्छी ग्रिप बेहद जरूरी होती है. घिसे हुए टायर बारिश में फिसलने का खतरा बढ़ा सकते हैं. टायर की ट्रेड डेप्थ नियमित रूप से जांचें और यदि टायर ज्यादा पुराने या क्रैक वाले हों तो उन्हें बदलवा लें. साथ ही कंपनी द्वारा बताए गए सही एयर प्रेशर को बनाए रखें, क्योंकि कम या ज्यादा हवा दोनों ही स्थिति में सड़क पर पकड़ कमजोर हो सकती है.

एंटी-रस्ट प्रोटेक्शन का करें इस्तेमाल

बारिश का पानी, कीचड़ और नमी बाइक के मेटल पार्ट्स पर जंग लगने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं. खासकर फ्रेम, एग्जॉस्ट, नट-बोल्ट और बाइक के निचले हिस्से जल्दी प्रभावित होते हैं. इससे बचने के लिए प्रोफेशनल एंटी-रस्ट कोटिंग करवाना फायदेमंद हो सकता है. बारिश या जलभराव वाले रास्तों से गुजरने के बाद बाइक को साफ पानी से धोकर कीचड़ और गंदगी हटाएं. साथ ही भीगे बाइक को कवर न करें. पहले उसे अच्छी तरह सुखाएं और फिर वाटरप्रूफ कवर का इस्तेमाल करें.

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By Shivani shah

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शिवानी शाह ने साल 2020 में करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और साल 2024 में अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया.

अपने करियर की शुरुआत शिवानी शाह ने झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल Lagatar.com से की, जहां करीब एक साल तक उन्होंने काम किया. इसके बाद जयपुर में पढ़ाई के दौरान Hamara Samachar यूट्यूब चैनल में वह न्यूज एंकर रहीं. मास्टर्स पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड डिजिटल न्यूज पोर्टल The News Post में करीब एक साल तक काम किया. इन संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने लोगों तक सही, भरोसेमंद और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाने का अनुभव हासिल किया.

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