दीवार या खंबे से नहीं टकराएगी गाड़ी, फ्रंट पार्किंग सेंसर के साथ आती हैं ये 5 कारें, कीमत 8 लाख रुपये से शुरू

कार पार्किंग को लेकर होने वाली परेशानी को खत्म करें. यह आर्टिकल आपको 8 लाख रुपये से शुरू होने वाली 5 ऐसी कारों के बारे में बताएगा जिनमें फ्रंट पार्किंग सेंसर फीचर मौजूद है. ये कारें तंग जगहों पर भी पार्किंग को आसान बनाती हैं.

कार में मिलने वाला पार्किंग सेंसर एक ऐसा फीचर है जिसका इस्तेमाल करना काफी आसान है, लेकिन कई बार तंग जगहों या आस-पास स्पेस की कमी के चलते गाड़ी पार्क करने में ड्राइवर को परेशानी हो जाती है. उस स्थिति में पार्किंग सेंसर फीचर का रोल बड़ा हो जाता है. खासकर पार्क वाली जगहों के पास लगे हुए खंबे या दीवार से गाड़ी को टकराने से बचाने में हेल्प करता है. यदि आप भी एक ऐसी कार लेने के मूड मे हैं जो पार्किंग सेंसर के साथ आती है, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है. यहां हम आपके लिए 5 जबरदस्त कार लेकर आए हैं, जिसकी कीमत 8 लाख रुपये से शुरू हो जाती है. आइए उसके बारे में जानते हैं. 

रेनॉल्ट ट्राइबर (Renault Triber)

सूची में पहले नंबर पर रेनॉल्ट ट्राइबर का नाम है, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 8.05 लाख रुपये है. फ्रंट पार्किंग सेंसर वाली यह गाड़ी सबसे किफायती ऑप्शन है. इस थ्री-रो वाले एमपीवी के सिर्फ टॉप एंड एमोशन ट्रिम में यह फीचर मिलता है और इसकी कीमत 8.35 लाख रुपये तक जाती है. ट्राइबर में 1.0 लीटर का पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 72 hp की ताकत और 96 nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इसके डुअल टोन ऑप्शन के लिए 21 हजार रुपये का एक्स्ट्रा भुगतान करना पड़ेगा.

टाटा नेक्सन (Tata Nexon)

फ्रंट पार्किंग सेंसर वाला टाटा नेक्सन का सबसे किफायती वेरिएंट क्रिएटिव प्लस पीएस (Creative+ PS) है, जबकि सबसे महंगा वेरिएंट फियरलेस प्लस पीएस (Fearless+ PS) है. इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 11.40 लाख रुपये है. टाटा की यह पॉपुलर कॉम्पैक्ट-एसयूवी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी ऑप्शन में उपलब्ध है. 

महिंद्रा XUV 3XO (Mahindra XUV 3XO)

महिंद्रा  XUV 3XO के केवल AX7 और AX7 लग्जरी वेरिएंट में ही फ्रंट पार्किंग सेंसर मिलते हैं. लग्जरी वेरिएंट की कीमत 15.04 लाख रुपये है. 4 मीटर से कम लंबाई वाली इस एसयूवी में 1.2 लीटर MPFI और 1.2 लीटर डायरेक्ट इंजन टर्बो-पेट्रोल इंजन दिए गए हैं, जो क्रमश: 111 hp और 131 hp पावर जेनरेट करता है. 

हुंडई वरना (Hyundai Verna)

इस लिस्ट में चौथे नंबर पर हुंडई वरना का नाम है, जिसके HX6, HX6+, HX8 और HX10 वेरिएंट खरीदने वालों को फ्रंट पार्किंग सेंसर की सुविधा मिलती है. इस मिड-साइज सेडान के टॉप मॉडल HX10 की कीमत 18.10 लाख रुपये है. इसमें दो 1.5 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन का ऑप्शन मिलता है. इसका नेचुरली एस्पिरेटेड पावर 115 hp का जेनरेट करता है, जबकि डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बो-पेट्रोल इंजन 160 hp उत्पन्न करता है.

किआ सोनेट (Kia Sonet) 

किआ सोनेट के केवल 2 वेरिएंट GTX+ और X-Line में ही फ्रंट पार्किंग सेंसर मिलते हैं. ये वेरिएंट केवल 120 hp वाले 1.0 लीटर डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बो-पेट्रोल और 116 हॉर्सपावर वाले 1.5 लीटर टर्बो-डीजल इंजन के साथ उपलब्ध हैं. इन वेरिएंट के साथ क्रमश: 7-स्पीड DCT और 6-स्पीड ACT ट्रांसमिशन ऑप्शन मिलते हैं.

ये भी पढ़ें: Brezza से Magnite तक, कम बजट में मिल रही हैं दमदार टर्बो-पेट्रोल SUVs


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >