सारण से नागेंद्र कुमार ओझा की रिपोर्ट
Saran News: सारण जिले के पानापुर प्रखंड में शुक्रवार रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी. भोरहा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक ताड़ के पेड़ में आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. वहीं 33 हजार केवीए लाइन में खराबी आने से पूरे प्रखंड की बिजली आपूर्ति पिछले आठ घंटे से ठप हो गई है. बिजली गुल रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
आकाशीय बिजली गिरते ही आग का गोला बना ताड़ का पेड़
पानापुर प्रखंड के भोरहा गांव के वार्ड संख्या-1 में स्थित एक ताड़ के पेड़ पर शुक्रवार रात आकाशीय बिजली गिर गई. बिजली गिरने के बाद पेड़ में आग लग गई और देखते ही देखते वह धू-धू कर जलने लगा. आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई. ग्रामीणों के अनुसार ताड़ का पेड़ रिहायशी इलाके के बेहद करीब स्थित है. ऐसे में लोगों को आशंका थी कि आग आसपास के घरों तक फैल सकती है. अनहोनी की आशंका से डरे ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी.
फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन आग बुझाने में आई मुश्किल
सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची. हालांकि घटनास्थल तक सुगम रास्ता नहीं होने और फायर ब्रिगेड की पाइप की लंबाई कम पड़ने के कारण पेड़ में लगी आग को पूरी तरह बुझाने में परेशानी हुई. बावजूद इसके दमकल कर्मियों ने आग को आसपास के घरों तक फैलने से रोक लिया.
आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था हुई ध्वस्त
शुक्रवार रात आई तेज आंधी और बारिश के कारण 33 हजार केवीए लाइन में तकनीकी खराबी आ गई. इसके चलते पूरे पानापुर प्रखंड में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. पिछले आठ घंटे से बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
बिजली गुल होने से प्रभावित हुआ जनजीवन
बिजली आपूर्ति ठप होने से घरों में अंधेरा छाया रहा. पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हुए. गर्मी और उमस के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. विद्युत कंपनी के जूनियर इंजीनियर भोला ठाकुर ने बताया कि खराबी दूर करने का काम तेजी से चल रहा है. उन्होंने कहा कि अगले दो घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है.
मौसम की मार से सहमे ग्रामीण
लगातार बदलते मौसम और आकाशीय बिजली की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. लोगों का कहना है कि बारिश राहत लेकर आई, लेकिन बिजली गिरने और लंबी बिजली कटौती ने नई परेशानी खड़ी कर दी है.
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