पटना से नितिश सिंह की रिपोर्ट
Patna Cyber Crime: पटना साइबर अपराधियों ने खुद को खनन विभाग का अधिकारी बताकर एक महिला से 7.75 लाख रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने पंचमहला थाना में जब्त ट्रक को छुड़वाने का झांसा देकर इस वारदात को अंजाम दिया. पीड़िता चुनचुन देवी ने मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई है.
ट्रक जब्ती के बाद शुरू हुआ ठगी का खेल
चुनचुन देवी ने पुलिस को बताया कि उनका 12 चक्का ट्रक अवैध खनन के आरोप में 12 अप्रैल 2026 को जब्त किया गया था. इस मामले में पंचमहला थाना में केस भी दर्ज किया गया था और ट्रक मालिक पर 8.79 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था.
खुद को माइनिंग ऑफिसर बताकर किया संपर्क
ट्रक जब्त होने के कुछ दिनों बाद एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना परिचय खनन विभाग के माइनिंग ऑफिसर गोविंद कुमार के रूप में दिया. उसने दावा किया कि वह जुर्माना प्रक्रिया पूरी कराकर ट्रक को जल्द रिलीज करवा देगा.
किस्तों में जमा कराए गए लाखों रुपये
जब चुनचुन देवी ने एकमुश्त जुर्माना राशि देने में असमर्थता जताई, तब कथित अधिकारी ने उन्हें किस्तों में भुगतान करने की सलाह दी. भरोसा दिलाते हुए उसने कहा कि पैसे जमा होते ही ट्रक छोड़ दिया जाएगा. इसके बाद पीड़िता से यूपीआई के माध्यम से राकेश कुमार और हिमांशु रंजन नामक व्यक्तियों के खातों में कुल 7.75 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए.
Patna Cyber Crime: ट्रक रिलीज का झांसा देकर मांगे और पैसे
आरोपी ने बाद में फिर संपर्क कर कहा कि शेष राशि जमा करने पर 1 मई तक ट्रक रिलीज हो जाएगा. साथ ही उसने पीड़िता से सादे कागज पर हस्ताक्षर कर उसकी फोटो व्हाट्सएप पर भेजने को भी कहा. इसी बात पर चुनचुन देवी को संदेह हुआ.
खनन कार्यालय पहुंचने पर खुला फर्जीवाड़े का राज
शक होने पर चुनचुन देवी सीधे खनन विभाग के कार्यालय पहुंच गईं. वहां उन्होंने संबंधित नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं लगा. इसके बाद कार्यालय के कर्मियों से बातचीत में पता चला कि वास्तविक माइनिंग ऑफिसर गोविंद कुमार ने ऐसी किसी प्रक्रिया या मांग से इनकार कर दिया.
साइबर थाने में दर्ज कराया मामला
ठगी का एहसास होने के बाद पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है.
अंदरूनी जानकारी लीक होने की आशंका
चुनचुन देवी ने आशंका जताई है कि खनन विभाग या उससे जुड़े किसी व्यक्ति ने उनकी ट्रक जब्ती और जुर्माने की जानकारी ठगों तक पहुंचाई हो सकती है. इसी जानकारी के आधार पर अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया.
